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कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का विवादित बयान, कहा- कश्मीर भौगोलिक तौर पर साथ, भावनात्मक रूप से नहीं

एएनआई
Updated: February 7, 2020, 12:38 PM IST
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का विवादित बयान, कहा- कश्मीर भौगोलिक तौर पर साथ, भावनात्मक रूप से नहीं
कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी

अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) ने ये बातें जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्रियों महबूबा मुफ्ती (Mahbooba Mufti) और उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) के खिलाफ जन सुरक्षा कानून (PSA) लगाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कही.

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नई दिल्ली. अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि कश्मीर (Kashmir) भौगोलिक तौर पर भले ही भारत के साथ हो, लेकिन भावनात्मक रूप से ऐसा नहीं है. उन्होंने ये बातें जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्रियों महबूबा मुफ्ती (Mahbooba Mufti) और उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) के खिलाफ जन सुरक्षा कानून (PSA) लगाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कही.

अधीर रंजन का बयान
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल ही संसद में उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के बारे में टिप्पणी की और रात में उन पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) लगा दिया गया. आप कश्मीर पर इस तरह राज नहीं कर सकते हैं. कश्मीर भौगोलिक तौर पर तो हमारा है लेकिन भावनात्मक रूप से नहीं.'

दो पूर्व CM के खिलाफ PSA बता दें कि महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला पिछले साल 5 अगस्त से ही नज़रबंद हैं. गुरुवार को अधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में मजिस्ट्रेट ने उस बंगले में जाकर महबूबा को PSA लगाए जाने का आदेश सौंपा जहां उन्हें नजरबंद रखा गया है. बाद में अधिकारियों ने बताया कि उमर अब्दुल्ला के खिलाफ भी पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया है.

क्या है PSA ?
इस कानून के तहत किसी भी आरोपी को बिना किसी अन्य आरोप या फिर ट्रायल के 2 साल तक हिरासत में रखा जा सकता है. इस कानून के तहत आरोपी व्यक्ति को बिना वारंट, किसी विशेष जुर्म के किए आरोपी होने के बिना भी बिना किसी समयसीमा के अरेस्ट या डिटेन कर रखा जा सकता है. बता दें कि उमर अब्दुल के पिता फारूक अब्दुल्ला को पहले ही इस कानून के तहत नज़रबंद करके रखा गया है.

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First published: February 7, 2020, 12:20 PM IST
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