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पैतृक गांव पीरामन में सुपुर्द-ए-खाक किए जाएंगे अहमद पटेल, वडोदरा ले जाया गया पार्थिव शरीर

 वडोदरा एयरपोर्ट पर कांग्रेस के नेताओं ने अहमद पटेल को श्रद्धांजलि दी और पुष्प अर्पित किए. (File Photo)
वडोदरा एयरपोर्ट पर कांग्रेस के नेताओं ने अहमद पटेल को श्रद्धांजलि दी और पुष्प अर्पित किए. (File Photo)

Ahmed Patel Demise: कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का बुधवार को निधन हो गया. वह 71 वर्ष के थे और कुछ हफ्ते पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 25, 2020, 9:45 PM IST
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वडोदरा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के पार्थिव शरीर को बुधवार शाम वडोदरा ले जाया गया. एयरपोर्ट पर कांग्रेस पार्टी के तमाम नेता मौजूद रहे. कांग्रेस के संकटमोचक, सोनिया के गांधी के सबसे भरोसमंद सहयोगी और पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का बुधवार को निधन हो गया. वह 71 वर्ष के थे और कुछ हफ्ते पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे. वडोदरा एयरपोर्ट पर कांग्रेस के नेताओं ने अहमद पटेल को श्रद्धांजलि दी और पुष्प अर्पित किए. श्रद्धांजलि देने वाले नेताओं में मुख्य रूप से राजीव सातव, अमित चावड़ा, हार्दिक पटेल, शक्तिसिंह गोहिल, शैलेष परमार, परेश धानाणी, हिमंतसिंह पटेल उपस्थित रहे.

वडोदरा एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद पटेल के पार्थिव शरीर को भरूच के अंकलेश्वर ले जाया गया. जहां पार्थिव शरीर को अंकलेश्वर के अस्पताल में रखा जाएगा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को गुजरात के भरूच जिले में उनके पैतृक गांव पीरामन में गुरुवार सुबह 9 बजे सुपुर्द-ए-खाक़ किया जाएगा. गुलाम नबी आजाद, कमलनाथ, राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई बडे़ नेता अंतिम संस्कार में उपस्थित रहेंगे.

पटेल के निधन की खबर मिलने के बाद पीरामन गांव के निवासियों ने स्थान के विकास में उनके योगदान को याद किया और कुछ ने कहा कि वह उनके लिए ‘‘पिता तुल्य’’ थे. यह गांव अंकलेश्वर तालुका में पड़ता है.



माता-पिता की कब्र के पास होगा अंतिम संस्कार
कांग्रेस के स्थानीय नेता और पटेल के निकट सहयोगी नाजुभाई फदवाला ने कहा कि पटेल ने इच्छा जताई थी कि उनका अंतिम संस्कार भरूच के पीरामन गांव में उनके माता-पिता की कब्र के पास ही किया जाए. फदवाला ने कहा कि उनके पार्थिव शरीर को शाम तक गांव में लाया जाएगा और अंतिम संस्कार गुरुवार को होने की संभावना है. उन्होंने कहा कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक अंतिम संस्कार होगा.

उन्होंने कहा, ‘‘अहमद भाई की अंतिम इच्छा थी कि पीरामन में उनके माता-पिता की कब्र के पास उनका अंतिम संस्कार किया जाए. वह अपने गांव से बहुत जुड़े हुए थे और अकसर यहां आते थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह अपने माता-पिता के बेहद करीब थे, खासकर अपनी मां से और जब भी पीरामन आते थे तो काफी समय तक मां की कब्र के पास बैठे रहते थे.’’ उन्होंने कहा कि उचित सामाजिक दूरी के साथ अंतिम नमाज के लिए मैदान तैयार किया जा रहा है.
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