पी चिदंबरम के जेल जाने पर कपिल सिब्बल का सवाल- कौन करेगा मौलिक आज़ादी की रक्षा! सरकार, ED, CBI या फिर कोर्ट

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Updated: September 6, 2019, 11:49 AM IST
पी चिदंबरम के जेल जाने पर कपिल सिब्बल का सवाल- कौन करेगा मौलिक आज़ादी की रक्षा! सरकार, ED, CBI या फिर कोर्ट
(PTI Photo/Manvender Vashist)

दिल्ली (Delhi) की एक अदालत ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले (INX Media case) में चिदंबरम (Chidambaram) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

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कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता और वकील कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम (P chidambaram) को जेल भेजे जाने पर टिप्पणी की है. शुक्रवार को एक ट्वीट में सिब्बल ने मौलिक आजादी के संरक्षण से जुड़े सवाल किए हैं. बता दें कि कपिल सिब्बल ही चिदंबरम का केस लड़ रहे हैं और वह गुरुवार को उनको जेल जाने से नहीं बचा पाए हैं. अदालत ने उनकी सभी दलीलें खारिज करते हुए चिदंबरम को तिहाड़ भेज दिया.

सिब्बल ने ट्विटर पर लिखा- 'हमारी मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा कौन करेगा? सरकार? सीबीआई? ईडी ? आयकर अधिकारी? या फिर अदालतें ? ? ? ? जिस दिन अदालतें यह मान लेंगी कि ईडी, सीबीआई का कहा ही पूर्ण रूप से सत्य है, उसी दिन भगवती से लेकर वेंकटचलैइया तक के युग में निर्मित स्वतंत्रता के स्तंभ ढह जाएंगे. और अब वह दिन दूर नहीं है.'



19 सितंबर तक जेल में रहेंगे चिदंबरम

बता दें कि दिल्ली (Delhi) की एक अदालत ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार (INX Media) मामले में चिदंबरम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. स्पेशल जज अजय कुमार कुहाड़ ने चिदंबरम को 19 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. अदालत ने पूर्व वित्त मंत्री को उनकी दवाइयां अपने साथ जेल में ले जाने की अनुमति दी और निर्देश दिया कि उन्हें तिहाड़ जेल के अलग सेल में रखा जाए, क्योंकि उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि चिदंबरम के लिए जेल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी.

अदालत ने चिदंबरम की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय को भी नोटिस जारी किया. इस याचिका में एजेंसी की ओर से दर्ज किये गए मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कांग्रेस नेता ने आत्मसमर्पण करने की मांग की थी.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली हाईकोर्ट  ( Delhi High Court) के 20 अगस्त के फैसले को चुनौती देने वाली चिदंबरम की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्हें अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया गया था. सीबीआई की दो दिन की हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद  गुरुवार को चिदंबरम (73) को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया था.
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यह है मामला
वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी फंड प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में अनियमितता का आरोप लगाते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 15 मई, 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी.

इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने इस संबंध में 2017 में ही धन शोधन का मामला दर्ज किया था. यूपीए के दस साल शासन के दौरान चिदंबरम 2004 से 2014 तक देश के गृह मंत्री और वित्त मंत्री रहे थे. राष्ट्रीय राजधानी के जोर बाग इलाके में स्थित उनके आवास से सीबीआई ने उन्हें 21 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया था.

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायाधीश को प्रवर्तन निदेशालय मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश और सीबीआई मामले में उनके अपनी याचिकाओं को वापस लेने के बारे में सूचित किया.

भाषा इनपुट के साथ

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First published: September 6, 2019, 10:29 AM IST
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