केंद्र की वैक्सीन पॉलिसी को जयराम रमेश ने बताया 'अन्यायी', कहा-वास्तव में यह कोई नीति ही नहीं है

जयराम रमेश ने इस महीने की शुरुआत में सरकार से वैक्सीन और दवाओं के पेटेंट का लाइसेंस देने की अपील की थी. (फाइल फोटो)

Vaccination in India: जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने लिखा 'मोदी की टीकाकरण नीति, खासतौर से 18 से 44 आयुवर्ग के लिए कोई वास्तव में कोई नीति नहीं है. बल्कि बुरा यह है कि यह सबसे ज्यादा अन्यायी है.'

  • Share this:
    नई दिल्ली. कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ जारी टीकाकरण कार्यक्रम के बीच वरिष्ठ कांग्रेस (Congress) नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सरकार की वैक्सीन पॉलिसी (Vaccine Policy) को 'अन्यायी' बताया है. उन्होंने बुधवार को ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार पर निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और वैक्सीन की कीमतों पर सवालिया निशान लगाए.

    रमेश ने लिखा, 'मोदी की टीकाकरण नीति, खासतौर से 18 से 44 आयुवर्ग के लिए कोई वास्तव में कोई नीति नहीं है. बल्कि सबसे बुरा यह है कि यह सबसे ज्यादा अन्यायी है.' कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने इस दौरान तीन कारण गिनाए हैं. उन्होंने कहा, 'वैक्सीन की बड़े पैमाने पर कमी, कोविन बुकिंग को अनिवार्य करने के चलते बड़ी संख्या में लोग छूट गए हैं.' उन्होंने कहा, 'सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट को दिए गए हलफनामे के मुताबिक, केंद्र को आवंटित की गईं 50 प्रतिशत वैक्सीन निजी अस्पतालों के लिए हैं.'



    खास बात है कि देश के कई राज्यों ने केंद्र सरकार की तरफ से की जा रही वैक्सीन सप्लाई पर विरोध जताया है. बीते मंगलवार को दिल्ली सरकार ने कहा कि टीके की कमी के चलते उन्हें वैक्सीन केंद्र बंद करने पड़ सकते हैं. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, 'हम केंद्र से और ज्यादा डोज के लिए कह रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अगर यही हालात रहे, तो हमें वैक्सीन सेंटर्स बंद करने होंगे. हमें वैक्सीन चाहिए, जो केंद्र उपलब्ध नहीं करा रहा है.'

    सरकार से की थी पेटेंट लाइसेंस देने की अपील
    रमेश ने इस महीने की शुरुआत में सरकार से वैक्सीन और दवाओं के पेटेंट का लाइसेंस देने की अपील की थी. समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार, उन्होंने लिखा, 'रमेश ने ट्वीट किया, ‘अमेरिका कोविड-19 के टीकों पर बौद्धिक संपदा संरक्षण की छूट का समर्थन करता है. यहां टीके और दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए दो सूत्री एजेंडा है.’

    उन्होंने कहा, ‘पीयूष गोयल जी, आशा करता हूं कि आप इस पर गंभीरता से विचार करेंगे. विश्व व्यापार संगठन में हमने जो रुख अपनाया है यह उसका तार्किक परिणाम होगा.' उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार को टीका और दवाओं के निर्माण के लिए जरूरी सभी पेंटेंट को लाइसेंस देने के मकसद से पेंटेंट अधिनियम की धारा 92 और 100 के तहत अधिसूचना जारी करनी चाहिए.' इससे पहले सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत कई कांग्रेसी नेता वैक्सीन प्रक्रिया पर सवाल उठा चुके हैं.