कांग्रेस नेता ने किया नई शिक्षा नीति का समर्थन, राहुल गांधी से माफी मांगकर कहा- मैं रोबोट नहीं

कांग्रेस नेता ने किया नई शिक्षा नीति का समर्थन, राहुल गांधी से माफी मांगकर कहा- मैं रोबोट नहीं
खुशबू ने पार्टी लाइन से इतर बयान के लिए राहुल गांधी ने माफी भी मांगी है. (Photo- Twitter/@khushsundar)

केंद्र सरकार के नई शिक्षा नीति (New Education Policy) के फैसले की तारीफ भी हो रही है तो वहीं कुछ लोग इसकी आलोचना भी कर रहे हैं. विपक्षी पार्टी कांग्रेस की नेता और फिल्म अभिनेत्री खुशबू सुंदर (Khushbu Sundar) ने मोदी सरकार (Modi Government) के इस फैसले का स्वागत किया है.

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नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल (Central Cabinet) ने बुधवार को नई शिक्षा नीति (New Education Policy) को मंजूरी दे दी जिसमें स्कूली शिक्षा (School Education) से लेकर उच्च शिक्षा (Higher Studies) तक कई बड़े बदलाव किये गए हैं, साथ ही शिक्षा क्षेत्र में खर्च को सकल घरेलू उत्पाद का 6 प्रतिशत करने तथा उच्च शिक्षा में साल 2035 तक सकल नामांकन दर 50 फीसदी पहुंचने का लक्ष्य है. केंद्र सरकार के इस फैसले की तारीफ भी हो रही है तो वहीं कुछ लोग इसकी आलोचना भी कर रहे हैं. विपक्षी पार्टी कांग्रेस की नेता और फिल्म अभिनेत्री खुशबू सुंदर (Khushbu Sundar) ने मोदी सरकार (Modi Government) के इस फैसले का स्वागत किया है. खुशबू ने पार्टी लाइन से इतर बयान के लिए राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने माफी भी मांगी है.

खुशबू ने ट्वीट कर कहा है कि "नई शिक्षा नीति 2020 पर मेरी राय मेरी पार्टी से अलग है और मैं इसके लिए राहुल गांधी से माफी मांगती हूं, लेकिन मैं सिर हिलाने वाली कठपुतली या रोबोट बनने के बजाय के बजाय तथ्यों पर बात करती हूं. आप अपने नेता से हर चीज पर सहमत नहीं हो सकते, लेकिन आप बतौर नागरिक बहादुरी से अपनी राय या विचार रख सकते हैं."

खुशबू सुंदर ने अपने अगले ट्वीट में कहा कि "राजनीति सिर्फ हल्ला मचाने के लिए नहीं है, ये साथ में मिलकर काम करने के लिए भी है. और भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री कार्यालय को इसे समझना होगा. बतौर विपक्ष, हम इसे विस्तार से देखेंगे और खामियों को भी बताएंगे. भारत सरकार को नई शिक्षा नीति से जुड़ी खामियों को लेकर हर किसी को विश्वास में लेना चाहिए और उस पर काम करना चाहिए."



khushboo sundar
खुशबू सुंदर के ट्वीट

'विपक्ष का मतलब देश के भविष्य के लिए काम करना'
एक अन्य ट्वीट में खुशबू सुंदर ने लिखा, "मैं सकारात्मक पहलुओं को देखना पसंद करती हूं और नकारात्मक चीजों पर काम करती हूं. हमें समस्याओं के समाधान की पेशकश करनी है न कि केवल उसके लिए आवाज़ उठानी है. विपक्ष का मतलब देश के भविष्य के लिए काम करना भी है." इसके लिए उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का यूपीए के कार्यकाल में काम करने का उदाहरण दिया.

खुशबू ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि- "संघ से जुड़े लोग तसल्ली से रहें, उन्हें ज्यादा खुश नहीं होना चाहिए. मैं बीजेपी में नहीं जा रही हूं. मेरी राय मेरी पार्टी से अलग हो सकती है, लेकिन मैं एक इंसान हूं जिसके खुद के विचार हैं. हां, नई शिक्षा नीति में कुछ जगहों पर खामियां है, लेकिन मुझे अभी भी लगता है कि हम सकारात्मकता के साथ बदलाव को देख सकते हैं."

गौरतलब  है कि नयी शिक्षा नीति में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बड़े बदलाव किए गए हैं. इसमें (लॉ और मेडिकल शिक्षा को छोड़कर) उच्च शिक्षा के लिये सिंगल रेगुलेटर (एकल नियामक) रहेगा. इसके अलावा उच्च शिक्षा में 2035 तक 50 फीसदी सकल नामांकन दर पहुंचने का लक्ष्य है.
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