अपनी ही पार्टी पर मनीष तिवारी ने उठाए सवाल, कहा- कांग्रेस को खुद के भीतर झांकना चाहिए

अपनी ही पार्टी पर मनीष तिवारी ने उठाए सवाल, कहा- कांग्रेस को खुद के भीतर झांकना चाहिए
मनीष तिवारी ने अपने लेख मे पार्टी छोड़ चुके और बाग़ी नेताओ को भी निशाने पर लिया.

कांग्रेस (Congress) के लोकसभा सांसद मनीष तिवारी (Manish tewari) आजकल अपने लेख और ट्विटर को लेकर काफ़ी चर्चा में हैं, क्योंकि वो खुलकर पार्टी की ख़ामियों के बारे मे चर्चा कर रहे है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 8, 2020, 7:04 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) के लोकसभा सांसद मनीष तिवारी (Manish tewari) आजकल अपने लेख और ट्विटर को लेकर काफ़ी चर्चा में हैं, क्योंकि वो खुलकर पार्टी की ख़ामियों के बारे मे चर्चा कर रहे है. मनीष तिवारी ने शनिवार को एक लेख में अपने मन की बात सबके सामने रखी. जिसमें उन्होंने यह माना कि पार्टी के भीतर बड़े बदलाव और एक फुल टाइम अध्यक्ष की आवश्यकता है क्योंकि अंतरिम अध्यक्ष से काम नहीं चल सकता.

10 अगस्त 2019 को कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था. उसका एक साल पूरा होने वाला है लेकिन अभी भी पार्टी के पास पूर्णकालिक अध्यक्ष नहीं है, ऐसे में मनीष तिवारी ने अपने लेख में लिखते हैं कि सोनिया गांधी को ही फुल टर्म अध्यक्ष बनाया जाए या फिर राहुल गांधी (Rahul gandhi) अपना इस्तीफा वापस लें जो कि 2022 तक के लिए चुने गए थे और तीसरा विकल्प अध्यक्ष पद और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के लिए चुनाव कराया जाए क्योंकि टॉप पोजीशन पर अनिश्चितता नहीं रह सकती.

ये भी पढ़ेंः- कांग्रेस नेता मनीष तिवारी और राजीव सातव के बीच ट्विटर वॉर, एक-दूसरे से पूछे तीखे सवाल



बागी नेताओं पर भी साधा निशाना
मनीष तिवारी ने अपने लेख मे पार्टी छोड़ चुके और बाग़ी नेताओ को भी निशाने पर लिया. मनीष ने कहा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट, प्रियंका चतुर्वेदी, अजय कुमार और प्रद्योत जैसे लोगों को पार्टी ने ज्यादा तवज्जों दी, बावजूद उसके वे पार्टी छोड़कर चले गए. इनको सब कुछ प्लेट में सजाकर मिला है. इन लोगों ने कभी संघर्ष नहीं किया. पार्टी की बैठकों के लिए चटाई नहीं बिछाई और न ही दीवारों पर पोस्टर लगाए.

पार्टी पर ही उठाए सवाल
अपने लेख में ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस पार्टी के लचर संगठन को मजबूत करने के लिए भी मनीष तिवारी ने नसीहत दे डाली. उन्होंने लिखा, पार्टी को खुद के भीतर भी झांकना चाहिए, जिनकी जमानत ज़ब्त हुई हो ऐसे लोगों को पुरस्कार नहीं मिलना चाहिए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज