दिल्ली की अदालत ने INX मीडिया मामले में पी चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 27 नवंबर तक बढ़ाई

पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को 21 अगस्त को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था, तब से वह तिहाड़ जेल में बंद हैं.

पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को 21 अगस्त को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था, तब से वह तिहाड़ जेल में बंद हैं.

पिछले महीने कोर्ट ने पी चिदंबरम (P Chidambaram) की अंतरिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया था और उन्हें 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 13, 2019, 6:16 PM IST
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नई दिल्ली. आईएनएक्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले (INX Money Laundering Case) में बुधवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) 27 नवंबर तक बढ़ा दी गई है.



वरिष्ठ कांग्रेसी नेता की स्पेशल जज अजय कुमार कुहार की कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing) के जरिए पेशी हुई. अजय कुमार ने सुनवाई के बाद यह आदेश दिया. बता दें कि जिला अदालतों (District Courts) में वकीलों की हड़ताल के चलते पी चिदंबरम की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जरिए की गई.



चिदंबरम को जेल में मिली हैं कई तरह की छूट

कोर्ट ने पिछले महीने पी चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका (Interim Bail Plea) को भी खारिज कर दिया था. इस मामले में चिदंबरम ने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी. लेकिन कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया था
कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन (जहां चिदंबरम को रखा गया है) को यह आदेश दिया था कि वो चिदंबरम (Chidambaram) को दवाओं, विदेशी शौचालय, सुरक्षा और अलग जेल-सेल जैसी सुविधाएं मुहैया करवाए. कोर्ट ने चिदंबरम के स्वास्थ्य का खयाल करते हुए उन्हें घर का खाना खाने की छूट भी दे दी थी.





चिदंबरम के ऊपर है मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

74 वर्षीय चिदंबरम को CBI ने 21 अगस्त को आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले (INX Media Money Laundering Case) में गिरफ्तार किया था. वो फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में ईडी की कस्टडी में हैं.



CBI ने उनके खिलाफ 15 मई, 2017 को एक FIR दर्ज कराई थी. इसमें उन पर साल 2007 में आईएनएक्स मीडिया ग्रुप (INX Media Group) के लिए आने वाले 305 करोड़ के विदेशी फंड के लिए फॉरेन इंवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) से गलत तरीके से अनुमतियां लेने का आरोप लगाया गया था. इस दौरान पी चिदंबरम ही वित्तमंत्री थे. बाद में ईडी ने भी 2017 में उनके खिलाफ एक केस दर्ज कराया था, जिसके बाद उन्हें इस साल 16 अक्टूबर को ईडी ने भी हिरासत में लिया था.



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