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ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की रैंकिग गिरने पर राहुल गांधी ने कसा तंज, किया ये ट्वीट

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Updated: October 16, 2019, 9:59 PM IST
ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की रैंकिग गिरने पर राहुल गांधी ने कसा तंज, किया ये ट्वीट
ग्लोबल हंगर इंडेक्स की सूची जारी होने के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट किया है. (फाइल फोटो)

खबरों के मुताबिक, भारत (India) 117 देशों के वैश्विक भूख सूचकांक (Global Hunger Index) में 102वें स्थान पर चला गया है. यह दक्षिण एशियाई देशों का सबसे निचला पायदान है. बाकी दक्षिण एशियाई देश 66वें से 94वें स्थान के बीच हैं.

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  • Last Updated: October 16, 2019, 9:59 PM IST
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नई दिल्ली. वैश्विक भूख सूचकांक (Global Hunger Index) में भारत (India) के 102वें स्थान पर पहुंच जाने से जुड़ी खबर को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट किया है. राहुल ने लिखा है कि- 'भारत की साल 2014 से ग्लोबल हंगर इंडेक्स में लगातार नीचे जाता जा रहा है. अब यह 117 में से 102 नंबर पर आ गया है. इस रैंकिंग से सरकार की नीति में भारी असफलता का पता चलता है और पीएम के खोखले 'सबका साथ' के दावे पर लगाम लग जाती है.'

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibel) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें राजनीति पर कम और बच्चों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मोदी जी: राजनीति पर कम और हमारे बच्चों पर ज्यादा ध्यान दीजिए. वे हमारा भविष्य हैं.'



सिब्बल ने किया ये दावा

सिब्बल ने दावा किया, 'वैश्विक भूख सूचकांक में भारत फिसल गया है. 2010 में भारत 95वें स्थान पर था और 2019 में 102वें स्थान पर है. 93 फीसदी बच्चों को न्यूनतम आहार नहीं मिलता है.'

गौरतलब है कि भरपेट भोजन नहीं मिलने के कारण पैदा हुई भूख की स्थिति संबंधी वैश्विक सूचकांक (जीएचआई) 2019 में भारत 117 देशों में 102वें स्थान पर है जबकि उसके पड़ोसी देश नेपाल, पाकिस्तान एवं बांग्लादेश की रैंकिंग उससे बेहतर है.

टॉप पर हैं ये देश
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भूख एवं कुपोषण पर नजर रखने वाले जीएचआई की वेबसाइट में बुधवार को बताया गया कि बेलारूस, यूक्रेन, तुर्की, क्यूबा और कुवैत समेत 17 देश पांच से कम जीएचआई अंक के साथ शीर्ष स्थान पर रहे. इस सूची में भारत पिछले साल 119 देशों में 103वें स्थान और 2000 में 113 देशों में 83वें स्थान पर था. इस बार देश 117 देशों में 102वें स्थान पर रहा है.

बच्चों को नहीं मिल रहा सही भोजन
रिपोर्ट के अनुसार भारत में कद के हिसाब से कम वजन होने आंकड़ा 2008-2012 में 16.5 प्रतिशत से बढ़कर 2014-18 में 20.8 प्रतिशत हो गया. रिपोर्ट में कहा गया कि छह महीने से 23 महीने के सभी बच्चों में से केवल 9.6 प्रतिशत बच्चों को ‘‘न्यूनतम स्वीकार्य आहार’’ दिया गया. इसमें कहा गया है, ‘‘भारत में कद से हिसाब से बच्चों का वजन कम होने की दर अत्यधिक है जो 20.8 प्रतिशत है. यह दर इस रिपोर्ट में शामिल देशों में सबसे ज्यादा है.’’

रिपोर्ट के अनुसार संघर्ष पीड़ित एवं जलवायु परिवर्तन की समस्याओं से जूझ रहे यमन और जिबूती जैसे देशों ने भी इस मामले में भारत से अच्छा प्रदर्शन किया है.

(भाषा के इनपुट के साथ)

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First published: October 16, 2019, 9:37 PM IST
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