Hathras Case से जुड़ा वीडियो शेयर कर राहुल गांधी बोले- यह उनके लिए, जो सच्चाई से भाग रहे हैं

राहुल गांधी
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस (Hathras News) से जुड़ा एक वीडियो ट्वीट कर कहा कि यह उनके लिए है, जो सच्चाई से भाग रहे हैं. राहुल ने इसके साथ ही लिखा 'हम बदलेंगे देश बदलेगा.'

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  • Last Updated: October 13, 2020, 9:51 AM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने हाल ही में कहा था कि 'शर्मनाक सच तो यह है कि अनेक भारतीय लोग दलितों, मुस्लिमों और आदिवासियों को इंसान ही नहीं मानते.' अपने इस ट्वीट पर राजनीतिक दलों और सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रिया के जवाब में राहुल ने एक और ट्वीट किया है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने मंगलवार को एक वीडियो ट्वीट कर कहा- 'यह वीडियो उनके लिए है, जो सच्चाई से भाग रहे हैं. हम बदलेंगे, देश बदलेगा.' इस वीडियो में हाथरस  (Hathras Case) के बुलागढ़ी गांव में  लोगों से बात की गई है. इस बातचीत में किसी ने कहा कि 'दलित तो अछूत होते हैं' तो किसी ने कहा कि 'उन्हें आज भी भेदभाव का शिकार होना पड़ता है.'

इससे पहले रविवार को वायनाड सांसद ने ने हाथरस की घटना पर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी पुलिस ने कहा कि किसी का बलात्कार नहीं हुआ क्योंकि उनके लिए तथा अनेक अन्य भारतीयों के लिए तो वह (हाथरस मामले की पीड़ित) ‘कोई थी ही नहीं’ गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित युवती की कथित सामूहिक बलात्कार के बाद मौत हो गई थी.


गांधी ने ट्वीट में कहा कि शर्मनाक हकीकत तो यह है कि अनेक भारतीय लोग दलितों, मुस्लिमों और आदिवासियों को इंसान ही नहीं मानते. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ट्वीट किया, ‘मुख्यमंत्री और उनकी पुलिस ने कहा कि किसी का बलात्कार नहीं हुआ क्योंकि उनके लिए तथा अनेक अन्य भारतीयों के लिए तो वह ‘कोई थी ही नहीं’ .’



क्या है पूरा मामला?
उन्होंने अपने ट्वीट के साथ एक मीडिया रिपोर्ट भी साझा की थी जिसमें सवाल किया गया है कि पुलिस बलात्कार से इनकार क्यों कर रही है जब युवती ने खुद बलात्कार के बारे में कहा था. हाथरस में कथित सामूहिक बलात्कार की शिकार 19 वर्षीय दलित लड़की की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी.

इसके बाद पुलिस ने देर रात लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया था. आरोप है कि इसके लिए पीड़ित परिवार की अनुमति नहीं ली गई. इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की खासी आलोचना हो रही है. दूसरी ओर, अधिकारियों का कहना है कि लड़की की अंत्येष्टि परिवार की इच्छा के मुताबिक ही की गई थी.


राज्य सरकार के मुताबिक कुछ लोग इस घटना की आड़ में जातीय तनाव को हवा देना चाहते हैं. सरकार ने फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट के हवाले से मामले में बलात्कार के आरोप से इनकार किया है. केंद्र ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है.
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