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कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू का आरोप- बवाल के पीछे खालिस्तानी

रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब से कांग्रेस सांसद हैं. (तस्वीर-रवनीत सिंह के फेसबुक पेज से साभार)
रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब से कांग्रेस सांसद हैं. (तस्वीर-रवनीत सिंह के फेसबुक पेज से साभार)

कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) पहले भी कह चुके हैं किसान आंदोलन के पीछे खालिस्तान समर्थकों का हाथ है. बिट्टू लुधियाना लोकसभा सीट से सांसद हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 26, 2021, 8:05 PM IST
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नई दिल्ली. पंजाब से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) ने दावा किया है कि गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के पीछे खालिस्तानियों का हाथ है. बिट्टू पहले भी कह चुके हैं किसान आंदोलन के पीछे खालिस्तान समर्थकों का हाथ है. बिट्टू लुधियाना लोकसभा सीट से सांसद हैं. बिट्टू के साथ किसान आंदोलन में मार-पीट की घटना भी हुई थी. एक दिन पहले उन्होंने बताया था, 'किसान नेताओं की ओर से बुलाई गई एक मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए मैं गया था, लेकिन वहां पहुंचते ही कुछ लोगों ने गुरिल्ला की तरह मुझ पर डंडे और हथियारों के साथ हमला बोल दिया.'

तीन दिन पहले ही बना ली गई थी योजना
बिट्टू का कहना है कि दिल्ली में आज जो कुछ हुआ है उसकी योजना तीन दिन पहले ही बना ली गई थी. उनका कहना है कि किसान आंदोलन के पीछे से खालिस्तानी नेता दीप सिद्धू अपना एजेंडा चला रहा है. गणतंत्र दिवस पर उपद्रव और हिंसा की योजना भी दीप सिद्धू ने बनाई है. रात को ही उसके लोगों ने किसानों के ट्रैक्टरों पर कब्जा जमा लिया था और शहर में घुस गए थे. फिर उसके लोगों ने अव्यवस्था फैलाई.


सरकार को इससे सख्ती के साथ निपटना चाहिए


बिट्टू ने कहा है कि सरकार को इससे सख्ती के साथ निपटना चाहिए. साथ ही उन्होंने किसान नेताओं से भी अपील की है कि वो ऐसे तत्वों से खुद को अलग कर लें. इस हिंसा के पीछे रेफरंडम 2020 और सिख फॉर जस्टिस से जुड़े लोग हैं.

'किसान तो बेचारे अपनी झांकियां तैयार कर रहे थे'
सिद्धू ने कहा है- किसान लीडर और पुलिस के साथ जो प्रोग्राम तय हुआ था उसको पूरी तरह से तोड़ा गया. सिख फॉर जस्टिस नाम के संगठन का लाइव चैनल रोज अमेरिका और कनाडा में चलता है. वो 12 बजे लाइव कर रहे थे कि कैसे दीप सिद्धू और रेफरंडम वाले स्टेज पर कब्जा करेंगे. उन्होंने साफ कहा कि लाल किले पर झंडा लहराएंगे. किसान तो बेचारे अपनी झांकियां तैयार कर रहे थे. लेकिन अतिवादी लोगों ने बिल्कुल अलग योजना बना रखी थी.
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