मुफ्त टीकाकरण पर बोली कांग्रेस- राहुल की सलाह मानने में लगा एक महीना, पूर्व अध्यक्ष ने फिर दागा सवाल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि अगर टीके सभी के लिए मुफ्त हैं तो फिर निजी अस्पतालों को पैसा क्यों लेना चाहिए. (File pic)

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि अगर टीके सभी के लिए मुफ्त हैं तो फिर निजी अस्पतालों को पैसा क्यों लेना चाहिए. (File pic)

PM Announces free Coronavirus Vaccination for All: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 18 साल से अधिक उम्र के सभी नागरिकों के टीकाकरण के लिए राज्यों को 21 जून से मुफ्त टीका उपलब्ध कराया जाएगा. राज्यों पर कोई खर्च नहीं आएगा.

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक अहम ऐलान करते हुए कहा कि केंद्र सरकार 21 जून से राज्यों को टीकाकरण के लिए वैक्सीन मुहैया कराएगी. इसके लिए दो हफ्तों के भीतर गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी और राज्यों को टीकाकरण के लिए एक रुपया भी खर्च नहीं करना होगा. प्रधानमंत्री के इस ऐलान के साथ ही विपक्ष सक्रिय हो गया. कांग्रेस ने कहा कि टीकाकरण पर पीएम मोदी को राहुल गांधी की सलाह मानने में एक महीने का वक्त लग गया. भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने ट्वीट करते हुए लिखा, "प्रधानमंत्री को 'दूरदर्शी' राहुल गांधी की सलाह मानने में एक महीने से ज्यादा समय लग गया." श्रीनिवास ने राहुल गांधी का पुराना ट्वीट साझा करते हुए अपनी बात कही. 29 अप्रैल 2021 को किए गए एक ट्वीट में राहुल गांधी ने सबके लिए मुफ्त टीकाकरण की बात कही थी.

पीएम की घोषणा पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि सरकार ने यह फैसला दबाव में लिया है. उन्होंने कहा कि जब राज्य की सरकारों ने केंद्र पर दबाव डालकर मुफ्त वैक्सीन देने की बात कही और सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया, उसके बाद पीएम को सभी के लिए मुफ्त टीकाकरण का फैसला करना पड़ा. साफ है कि पीएम ने दबाव में फैसला लिया है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने देश में पहले के टीकाकरण कार्यक्रमों के बारे में टिप्पणी करके अतीत की चुनी हुई सरकारों और वैज्ञानिकों का अपमान किया. हालांकि सुरजेवाला ने सवाल उठाते हुए कहा कि 18 साल से अधिक उम्र के सभी भारतीयों के लिए वैक्सीन फ्री हो- सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में. गरीबों के खाते में 6000 रुपये प्रति महीना डाले जाएं. छह महीने में तीन बार वैक्सीन नीति खुद बदल राज्यों पर ठीकरा न फोड़ें बल्कि मिल कर काम करें.

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राहुल गांधी ने फिर दागा सवाल
उधर, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि अगर टीके सभी के लिए मुफ्त हैं तो फिर निजी अस्पतालों को पैसा क्यों लेना चाहिए. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘एक साधारण सवाल: अगर टीके सभी के लिए मुफ्त हैं तो फिर निजी अस्पतालों को पैसे क्यों लेने चाहिए.’’

बीजेपी का पलटवार

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि वैक्सीन सभी के लिए मुफ्त हो गई है. रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सभी लोगों को वैक्सीन मुफ्त में नहीं मिलेगी. वे भ्रम फैला रहे हैं. कांग्रेस का मकसद झूठ और भ्रम फैलाना है. उनकी राजनीति की दुकान बंद हो रही है. यह समय राजनीति करने का नहीं, भारत के साथ खड़े होने का है.



पहले ही ऐसा कर सकती थी सरकारः सिसोदिया

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त करते हैं कि उनके दखल के बाद देश भर में हर उम्र और हर वर्ग के लोगों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध होगी. केंद्र सरकार चाहती तो बहुत पहले ऐसा कर सकती थी, लेकिन केंद्र की नीतियों के चलते ना राज्य वैक्सीन खरीद पा रहे थे और ना केंद्र सरकार दे रही थी.

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