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आर्थिक तंगी से जूझ रही कांग्रेस, पार्टी चलाने के लिए राज्यों से मांगे फंड- रिपोर्ट

सोनिया गांधी के साथ राहुल गांधी (फ़ाइल फोटो)
सोनिया गांधी के साथ राहुल गांधी (फ़ाइल फोटो)

Congress party in Financial Crisis: कांग्रेस साल 2014 में सत्ता में हटने के बाद से ही फंड की किल्लत से जूझ रही है. बीजेपी के बढ़ते कद के आगे राज्यों में भी कांग्रेस के कमजोर होने से यह संकट उठ खड़ा हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 21, 2021, 11:40 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्र में सत्ता से पिछले 7 सालों से दूर हने वाली कांग्रेस पार्टी (Congress Party) अब आर्थिक तंगी से परेशान है. कहा जा रहा है कि पार्टी को फंड की भारी कमी हो गई है. ऐसे में पार्टी के बड़े नेताओं ने उन राज्यों से मदद मांगी है, जहां कांग्रेस की सरकार है. पिछले दिनों आल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के कुछ सीनियर सदस्यों ने इस मुश्किल हालात से निपटने के लिए झारखंड, महाराष्ट्र और पंजाब के नेताओं से बातचीत की थी. इस बैठक में राज्य के मंत्रियों के अलावा संगठन के भी कई नेता मौजूद थे.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इस बैठक में मुख्य तौर पर राज्य में नए अध्यक्षों की नियुक्ति और संगठन में बदलाव को लेकर चर्चा होनी थी. लेकिन बैठक में पार्टी में भारी फंड की कमी को लेकर चर्चा की गई. पार्टी की नजरें फिलहाल पांच राज्यों में होने वाले विधान चुनाव पर टिकी है. केरल, असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुदुचेरी में होने वाले चुनाव के लिए पार्टी को फंड की जरूरत है. इसके अलावा कांग्रेस के नए हेडक्वार्टर के कंसट्रक्शन का काम चल रहा है. यहां भी पार्टी को पैसों की जरूरत है.

फंड जुटाने में क्यों हो रही है दिक्कत?
कांग्रेस को फंड की कमी साल 2014 में सत्ता में हटने के बाद से हो रही है. बीजेपी के बढ़ते कद के आगे राज्यों में भी कांग्रेस कमजोर होती जा रही है. कांग्रेस की सरकार इस समय सिर्फ तीन राज्यों- पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में है. इसके अलावा महाराष्ट्र और झारखंड में पार्टी की गठबंधन सरकार है. ये सच्चाई है कि प्राइवेट संस्थानों से तभी किसी पार्टी को फंड मिलते हैं जब वो सत्ता में रहती है. लिहाजा पार्टी अपने सांसद और विधायकों को दान देने के लिए कह रही है.
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पार्टी के अपने नेताओं ने किताना दिया पैसा?
कांग्रेस को 2019-20 में 139 करोड़ रुपये से ज्यादा चंदा मिला. पार्टी के सदस्यों में सबसे ज्यादा चंदा कपिल सिब्बल ने दिया. उन्होंने पार्टी कोष में 3 करोड़ रूपये का योगदान दिया. कांग्रेस को साल 2018-19 में 146 करोड़ रुपये मिले थे. एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 के बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1,08,000 रुपये, जबकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 54,000 और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 50,000 रुपये चंदा दिया.

कॉर्पोरेट घरानों से मिला कम चंदा
कॉर्पोरेट घरानों से पार्टी को आईटीसी समूह और उसकी सहायक कंपनियों से 20 करोड़ रुपये मिले हैं. ITC ने लगभग 13 करोड़ का दान दिया, उसकी सहायक कंपनियों ITC Infotech ने 4 करोड़ रुपये का योगदान दिया और ITC की एक अन्य सहायक कंपनी रसेल क्रेडिट लिमिटेड ने कांग्रेस को 1.4 करोड़ रुपये का दान दिया. 2019-20 में कांग्रेस को दान देने वाले अन्य कॉरपोरेट घराने HEG लिमिटेड (3.5 करोड़ रुपये), ग्वालियर अल्कोब्रूव (5 करोड़ रुपये) और बीजी शिर्के कंस्ट्रक्शन (4 करोड़ रुपये) शामिल है.
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