• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • सचिन पायलट और अशोक गहलोत से बेहद खफ़ा हैं राहुल, मिलने से किया इनकार

सचिन पायलट और अशोक गहलोत से बेहद खफ़ा हैं राहुल, मिलने से किया इनकार

राहुल गांधी ने मंगलवार को मिलने आए सचिन पायलट और अशोक गहलोत को बिना मिले वापस लौटाया. सिर्फ प्रियंका गांधी से मुलाकात की. (फाइल)

राहुल गांधी ने मंगलवार को मिलने आए सचिन पायलट और अशोक गहलोत को बिना मिले वापस लौटाया. सिर्फ प्रियंका गांधी से मुलाकात की. (फाइल)

राहुल कुछ शर्तों के साथ पद पर बने रहने के लिए तैयार हैं, लेकिन राजस्थान में मिली हार के बाद अशोक गहलोत और सचिन पायलट से उनकी नाराजगी अब जाहिर होने लगी है.

  • Share this:
    लोकसभा चुनाव 2019 में मिली हार के बाद से कांग्रेस में जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. पार्टी में अभी तक 13 प्रमुख नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है और अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस्तीफा देने की मांग पर अड़े हुए हैं. ऐसी ख़बरें हैं कि राहुल कुछ शर्तों के साथ पद पर बने रहने के लिए तैयार हैं, लेकिन राजस्थान में मिली हार के बाद अशोक गहलोत और सचिन पायलट से उनकी नाराजगी अब जाहिर होने लगी है.

    सचिन-गहलोत से नहीं मिले
    मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को भी डिप्टी सीएम सचिन पायलट और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत राहुल से मिलने के लिए पहुंचे थे. हालांकि राहुल ने लगातार तीसरे दिन इनसे मिलने से इनकार कर दिया. दोनों ने कुछ देर इंतज़ार भी किया, लेकिन बाद में सिर्फ प्रियंका गांधी से ही मुलाक़ात के बाद दोनों को वापस लौटा पड़ा.

    बताया जा रहा है कि राहुल अभी भी अशोक गहलोत से नाराज़ हैं क्योंकि उनका मानना है कि बेटे के चुनाव पर ध्यान देने के लिए उन्होंने राज्य की सभी सीटों पर ध्यान नहीं दिया. सचिन पायलट से नाराजगी की वजह राजस्थान में कांग्रेस की गुटबाजी मानी जा रही है. राहुल को लगता है कि गहलोत-सचिन की गुटबाजी के चलते ही राजस्थान विधानसभा चुनावों में बढ़िया प्रदर्शन के बाद भी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस सिर्फ एक भी सीट नहीं आ पाई.

    राहुल ने जताई थी नाराजगी
    बता दें कि हार की समीक्षा के लिए बुलाई गई सीडब्लूसी मीटिंग में राहुल ने अशोक गहलोत, कमलनाथ और चिदंबरम जैसे सीनियर नेताओं पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि इन नेताओं ने बेटे की सीटों पर ज्यादा ध्यान दिया जिससे पार्टी को नुकसान हुआ.

    हालांकि ऐसी ख़बरें हैं कि राहुल पार्टी का नेतृत्व करने के लिए तैयार हो गए हैं लेकिन उसके लिए उन्होंने कुछ शर्तें रख दी हैं. कथित तौर पर राहुल ने पार्टी को नया अध्यक्ष चुने जाने के लिए तीन महीने का वक़्त दिया है. उधर आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव और रजनीकांत जैसे नेताओं ने उन्हें पद न छोड़ेने की सलाह दी है.

    ये भी पढ़ें--

    बाराबंकी जहरीली शराब से मौत मामला: जिला आबकारी अधिकारी समेत 10 पर गिरी गाज

    यूपी: BSP नेता की गोली मारकर हत्या, मिठाई के डिब्बे में पिस्टल लेकर आये थे बदमाश

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज