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कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में नेता क्या करेंगे और क्या नहीं; निष्पक्ष इलेक्शन के लिए CEA ने जारी की यह गाइडलाइन

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए पार्टी की ओर से गाइडलाइन जारी. (फोटो क्रेडिट- पीटीआई)

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए पार्टी की ओर से गाइडलाइन जारी. (फोटो क्रेडिट- पीटीआई)

सीईए यानी केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सात बिंदुओं वाला द ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए गाइडलाइन जारी.
17 अक्टूबर को होने वाला है चुनाव.
मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच है मुकाबला.

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी की ओर से गाइडलाइन जारी कर दी गई है. चुनाव में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के प्रयास में पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) ने सोमवार को एक आचार संहिता जारी की, जिसमें पदाधिकारियों को किसी भी उम्मीदवार के लिए प्रचार करने से रोक दिया गया. कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने सोमवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी अध्यक्ष के लिए हो रहे चुनाव में किसी उम्मीदवार के खिलाफ ‘दुर्भावनापूर्ण प्रचार’ नहीं किया जाना चाहिए.

सीईए यानी केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सात बिंदुओं वाला दिशानिर्देश जारी किया, जिसमें कहा गया है कि अध्यक्ष पद के चुनाव में अगर पार्टी का कोई पदाधिकारी किसी उम्मीदवार के पक्ष या विरोध में प्रचार करना चाहता है तो उसे पहले संगठन की जिम्मेदारी छोड़नी होगी. बता दें कि मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर इस चुनाव में उम्मीदवार हैं.

मधुसूदन मिस्त्री द्वारा जारी गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है, ‘यह सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत सावधानी बरती जानी चाहिए कि किसी भी उम्मीदवार के खिलाफ कोई दुर्भावनापूर्ण प्रचार न हो. इससे पार्टी की बदनामी होगी. चुनाव प्रक्रिया की संवेदनशीलता को हर कीमत पर बरकरार रखा जाना चाहिए.’ इसमें कहा गया है कि पार्टी महासचिव, प्रभारी, सचिव, संयुक्त सचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, विधायक दल के नेता, अग्रिम संगठनों के प्रमुख विभागों या प्रकोष्ठों के प्रमुख तथा सभी आधिकारिक प्रवक्ता किसी भी उम्मीदवार के पक्ष या विरोध में प्रचार नहीं करेंगे.

मिस्त्री ने कहा, ‘अगर कोई पदाधिकारी प्रचार करना चाहता है तो उसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना होगा.’ पार्टी के तीन प्रवक्ताओं दीपेंद्र हुड्डा, गौरव वल्लभ और सैयद नासिर हुसैन ने रविवार को पद से इस्तीफा दे दिया था, ताकि वे खड़गे का प्रचार कर सकें. मिस्त्री ने दिशानिर्देश में यह भी कहा कि खड़गे और थरूर निजी हैसियत से चुनाव लड़ रहे हैं और ऐसे में डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्य) अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट कर सकते हैं.

दिशानिर्देशों के अनुसार, पार्टी के सभी प्रदेश अध्यक्ष अपने राज्यों में उम्मीदवारों के दौरों पर शिष्टाचार दिखाएंगे और उम्मीदवार द्वारा डेलीगेट की बैठक करने पर उन्हें बैठक कक्ष, कुर्सियों और कुछ दूसरी चीजें उपलब्ध कराएंगे, लेकिन वो निजी हैसियत से इस तरह की बैठक नहीं बुला सकते. इसमें कहा गया है कि डेलीगेट की बैठक उम्मीदवार के प्रस्तावकों या समर्थकों द्वारा ही बुलाई जा सकती है.

कांग्रेस के चुनाव प्राधिकरण ने कहा, ‘चुनाव के दौरान कोई भी उम्मीदवारों मतदाताओं को लाने के लिए वाहन का इस्तेमाल नहीं करेंगे. किसी तरह के पर्चे और प्रकाशन के जरिये दुष्प्रचार नहीं किया जाएगा. इन नियमों का उल्लंघन करने पर चुनाव अवैध हो जाएगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी.’ सभी प्रदेश निर्वाचन अधिकारियों (पीआरओ) से कहा गया है कि वो निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चत करें.

उधर, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि राहुल गांधी और उनके साथ ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल अन्य ‘भारत यात्री’ डाकपत्र के जरिये इस चुनाव में हिस्सा लेंगे. खड़गे और थरूर कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में उम्मीदवार हैं. यदि पार्टी के इन दोनों नेताओं में से कोई भी अपना नामांकन वापस नहीं लेते हैं, तो 17 अक्टूबर को मतदान होगा, जिसमें 9,000 से अधिक डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्य) मतदान करेंगे. मतगणना 19 अक्टूबर को होगी. वैसे शशि थरूर ने स्पष्ट कर दिया है कि वह चुनाव लड़ेंगे.

Tags: Congress, Congress President Election

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