राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था पर जारी किया नया वीडियो, केंद्र के इन फैसलों पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था पर जारी किया नया वीडियो, केंद्र के इन फैसलों पर उठाए सवाल
राहुल गांधी वीडियो सीरीज के जरिए कोरोना काल में सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज उठाते

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इससे पहले भी कई वीडियो जारी कर चुके हैं. इस कोरोना काल में सरकार (Modi Government) की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज उठाते हुए वे लोगों से संपर्क कर रहे हैं. वीडियो सीरीज से राहुल गांधी अलग-अलग क्षेत्र के लोगों से बात करते हैं और समस्याओं के समाधान पर विचार करते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 31, 2020, 1:48 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कोरोनाकाल (Coronavirus Pandemi) में देश की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को लेकर मोदी सरकार (Modi Government) पर तीखे वार किए हैं. राहुल ने सोमवार को अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत और अलग-अलग पहलुओं पर बात की. वीडियो में राहुल गांधी कह रहे हैं, 'जो आर्थिक त्रासदी देश झेल रहा है उस दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई की आज पुष्टि हो जाएगी. भारतीय अर्थव्यवस्था 40 वर्षों में पहली बार भारी मंदी में है. असत्याग्रही इसका दोष ईश्वर को दे रहे हैं.'

राहुल गांधी ने कहा, 'बीजेपी की सरकार ने असंगठित व्यवस्था पर आक्रमण किया है. आपको गुलाम बनाने की कोशिश की जा रही है. 2008 में पूरी दुनिया में जबरदस्त आर्थिक मंदी आई. अमेरिका, जापान, चीन में कंपनियां बंद हो गईं और बैंक कंगाल हो गए. अमेरिका में तो कंपनियों के बंद होने की लाइन लग गई. मंदी का यूरोप में असर हुआ, मगर हिंदुस्तान को कुछ नहीं हुआ.'

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष वीडियो में आगे कहते हैं, 'तब केंद्र में यूपीए की सरकार थी. मैं थोड़ा हैरान हुआ. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के पास गया. मैंने उनसे पूछा- 'प्रधानमंत्री जी आप इन बातों को कैसे समझते हैं. पूरी दुनिया में आर्थिक नुकसान हुआ है, मगर हिंदुस्तान को कोई असर नहीं हुआ. इसका कारण क्या है?'







राहुल बताते हैं, 'मनमोहन सिंह जी ने कहा कि अगर हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को समझना चाहते हैं, तो यह समझना होगा कि हिंदुस्तान में दो अर्थव्यवस्था है. पहली असंगठित अर्थव्यवस्था और दूसरी संगठित अर्थव्यवस्था. संगठित में बड़ी कंपनियां हैं, जिनका नाम आप जानते हैं. असंगठित व्यवस्था में किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार और छोटी कंपनियां आती हैं. जब तक हिंदुस्तान का अनऑर्गनाइज्ड सिस्टम मजबूत है, तब तक हिंदुस्तान को कोई भी आर्थिक तूफान छू नहीं सकता.'



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वीडियो में राहुल गांधी बताते हैं, 'अब आज के दिन आते हैं. पिछले 6 साल से बीजेपी की सरकार ने असंगठित व्यवस्था पर आक्रमण किया है. इसके 3 बड़े उदाहरण मैं आपको अभी दे देता हूं. नोटबंदी, गलत जीएसटी और लॉकडाउन. आप यह मत सोचिए कि लॉकडाउन के पीछे सोच नहीं थी. यह मत सोचिए कि आखिरी मिनट पर लॉकडाउन कर दिया गया. इन तीनों का लक्ष्य हमारी इनफॉर्मल सेक्टर को खत्म करने का है.'

केरल के वायानाड से सांसद राहुल गांधी कहते हैं, 'इनफॉर्मल सेक्टर में पैसा है लाखों करोड़ों रुपये हैं. छोटे दुकानदारों के पास लाखों करोड़ों का बिजनेस होता है, इसको यह लोग तोड़ना चाहते हैं. इसका नतीजा यह होगा कि अब हिंदुस्तान रोजगार पैदा नहीं कर पाएगा, क्योंकि इनफॉर्मल सेक्टर 90% से ज्यादा रोजगार देता है. अगर ये ही खत्म हो गया, तो क्या होगा आप अच्छी तरह समझ सकते हैं.'

राहुल कहते हैं, 'आप ही इस देश को चलाते हैं. आप ही इस देश को आगे ले जाते हैं. आप ही के खिलाफ साजिश हो रही है. आपको ठगा जा रहा है. हमें इस आक्रमण को पहचानना पड़ेगा. पूरे देश को मिलकर इसके खिलाफ लड़ना पड़ेगा.'

बता दें कि राहुल गांधी इससे पहले भी कई वीडियो जारी कर चुके हैं. इस कोरोना काल में सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज उठाते हुए वे लोगों से संपर्क कर रहे हैं. वीडियो सीरीज से राहुल गांधी अलग-अलग प्रांत के लोगों से बात करते हैं और समस्याओं के समाधान पर विचार करते हैं.

राहुल गांधी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम पर निशाना साधा और कहा कि जेईई-नीट की परीक्षा में बैठने वाले छात्र परीक्षा पर चर्चा करना चाहते हैं जबकि प्रधानमंत्री 'खिलौने पर चर्चा' कर रहे हैं.

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बता दें, रविवार को मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने खिलौनों को लेकर अपनी बात कही. उन्होंने कहा, 'मैं मन की बात सुन रहे बच्चों के माता-पिता से क्षमा मांगता हूं क्योंकि हो सकता है, उन्हें अब ये मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद खिलौनों की नई-नई मांग सुनने को मिले. खिलौने जहां एक्टिविटी को बढ़ाने वाले होते हैं तो वहीं खिलौने हमारी आकांक्षाओं को भी उड़ान देते हैं.'  (विक्रांत यादव का इनपुट)
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