पैंगोंग झील क्षेत्र में चीनी घुसपैठ पर कांग्रेस का सवाल, 'मोदी जी की लाल आंख कब दिखेंगी?'

पैंगोंग झील क्षेत्र में चीनी घुसपैठ पर कांग्रेस का सवाल, 'मोदी जी की लाल आंख कब दिखेंगी?'
रणदीप सुरजेवाला ने सरकार पर साधा निशाना.

भारतीय सेना (Indian Army) की ओर से बताया गया है कि 29/30 अगस्‍त की रात चीनी सैनिकों (China Troops) ने पूर्व में बनी सहमति का उल्‍लंघन किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 31, 2020, 5:07 PM IST
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नई दिल्‍ली. चीनी सैनिकों (China Troops) ने एक बार फिर से लद्दाख (Ladakh) में घुसपैठ की कोशिश की है. भारतीय सेना (Indian Army) के अनुसार चीनी सैनिकों ने पैंगोंग लेक (Pangong lake) के दक्षिणी छोर में 29-30 अगस्‍त की दरम्‍यानी रात घुसपैठ की कोशिश की. हालांकि भारतीय सैनिकों ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए चीन की इस कोशिश को नाकाम कर दिया. चीनी घुसपैठ की इस कोशिश पर कांग्रेस (Congress) ने सोमवार को केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने ट्वीट करके सवाल पूछा, 'मोदी जी की ''लाल आंख'' कब खुलेगी?'

कांग्रेस के प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने चीनी सैनिकों की घुसपैठ पर ट्वीट किया. उन्‍होंने लिखा, 'देश की सरज़मीं पर क़ब्ज़े का नया दुस्साहस! रोज़ नई चीनी घुसपैठ. पैंगोंग सो लेक इलाक़ा, गोगरा व गलवान वैली, डेपसंग प्लैनस, लिपुलेख, डोका लॉ व नाकु लॉ पास. फ़ौज तो भारत मां की रक्षा में निडर खड़ी हैं. पर मोदी जी की “लाल आंख” कब दिखेंगी.'





आर्मी के मुताबिक पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों ने पहले से बनी सहमति का उल्लंघन करते हुए पूर्वी लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश की. इसके बाद भारतीय सेना ने पैंगोंग झील एरिया में चीनी सैनिकों को घुसने से रोका. इसके बाद भी जब चीनी सैनिक रुकने को तैयार नहीं हुए तो भारतीय सैनिकों को उन्हें रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसके बाद दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हो गई.
सरकार की ओर से बताया गया है कि 29/30 अगस्‍त की रात चीनी सैनिकों ने पूर्व में बनी सहमति का उल्‍लंघन किया. चीनी सेना ने बॉर्डर पर यथास्थिति बदलने की एक और कोशिश की. पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर चीनी सेना हथियारों के साथ आगे बढ़ी तो भारतीय सेना ने न सिर्फ रोका, बल्कि पीछे खदेड़ दिया. सेना के पीआरओ कर्नल अमन आनंद की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारतीय सेना बातचीत के जरिए शांति स्‍थापित करना चाहती है लेकिन अपने देश की रक्षा के लिए भी उतनी ही संकल्‍पबद्ध है.
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