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कांग्रेस ने संसद में कहा - मनी लॉन्ड्रिंग घोटाला है इलेक्‍टोरल बांड, सरकार ने आरबीआई की अनदेखी की

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मनीष तिवारी ने संसद में कहा कि इलेक्‍टोरल बांड बियरर इंस्ट्रूमेंट्स के जरिये राजनीतिक दलों के कोष में बेनामी चंदा देने की अनुमति देता है.

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मनीष तिवारी ने संसद में कहा कि इलेक्‍टोरल बांड बियरर इंस्ट्रूमेंट्स के जरिये राजनीतिक दलों के कोष में बेनामी चंदा देने की अनुमति देता है.

कांग्रेस (Congress) के वरिष्‍ठ नेता मनीष तिवारी (Manish Tiwari) ने इलेक्‍टोरल बांड (Electoral Bonds) को 'सियासी घूस योज ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्‍ली. कांग्रेस ने इलेक्‍टोरल बांड (Electoral Bonds) के मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) को लोकसभा (Lok Sabha) और राज्‍यसभा (Rajya Sabha) में घेरा. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ये योजना मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) जैसी है. इसने सियासी दलों को दिए जाने वाले चंदे की पारदर्शिता को खत्‍म कर दिया है. कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मनीष तिवारी (Manish Tiwari) ने इलेक्‍टोरल बांड को 'सियासी घूस योजना' (Political Bribery Scheme) करार देते हुए कहा, 'सूचना के अधिकार के तहत किए गए आवेदन के जवाब से पता चला कि केंद्र सरकार ने इलेक्‍टोरल बांड लाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की गंभीर आपत्तियों की अनदेखी की है.'

    'योजना की आड़ में छुपाया जा रहा है भ्रष्‍टाचार'
    मनीष तिवारी ने कहा कि इलेक्‍टोरल बांड भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की ओर से जारी किए गए बियरर इंस्ट्रूमेंट्स (Bearer Instruments) के जरिये राजनीतिक दलों के कोष में बेनामी चंदा देने की अनुमति देता है. पहली बात इलेक्‍टोरल बांड को लोकसभा चुनाव के लिए सीमित किया गया था, लेकिन कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इलेक्‍टोरल बांड के लिए विंडो खोलने का आग्रह किया था. उन्‍होंने संसद में कहा कि भ्रष्‍टाचार को योजना की आड़ में छुपाया जा रहा है. कांग्रेस की इस मुद्दे पर लंबी चर्चा की मांग पर राज्‍यसभा के सभापति ने सदन की कार्यवाही स्‍थगित कर दी. उन्‍होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए प्राथमिकता में लगे पहले के मामलों को दरकिनार नहीं किया जा सकता है. लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस मुद्दे को शून्‍यकाल के दौरान उठाया जा सकता है.

    'बताई जाए दानदाता-दान लेने वाले की जानकारी'
    लोकसभा में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Choudhary) ने कहा कि इलेक्‍टोरल बांड के मुद्दे पर तुरंत ध्‍यान दिए जाने की जरूरत है. उन्‍होंने इलेक्‍टोरल बांड को घोटाला (Scam) करार दिया. कांग्रेस ने इलेक्‍टोरल बांड से जुड़ी सभी जानकारियां संसद (Parliament) के सामने पेश किए जाने की मांग की. कांग्रेस ने कहा कि सरकार को दानदाता (Donors) और चंदा लेने वाले के बारे में पूरी जानकारी संसद को देनी चाहिए. पूर्व वित्‍त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने इस योजना को पेश किया था. तब से अब तक 6,000 करोड़ रुपये के इलेक्‍टोरल बांड बेचे जा चुके हैं. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्‍स (ADR) के मुताबिक, पहली बार में जारी किए बांड का 95 फीसदी हिस्‍सा बीजेपी के खाते में गया था, जिसका मूल्‍य 222 करोड़ रुपये था.

    'कोई भी व्‍यक्ति सियासी दलों को कर सकता है प्रभावित'
    आरटीआई (RTI) आवेदन के जवाब का हवाला देते हुए कांग्रेस ने कहा कि वित्‍त मंत्रालय (Finance Ministry) ने इलेक्‍टोरल बांड जारी करने के कुछ दिन पहले ही आरबीआई की मंजूरी मांगी थी. मंत्रालय ने इसके जरिये मनी लॉन्ड्रिंग की तमाम आशंकाओं को खारिज कर दिया था. कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने कहा कि योजना पेश किए जाने के समय हम में से कई ने गंभीर आपत्ति जताई थी. हमने आशंका जताई थी कि ये धनी कॉरपोरेशन बनने का आसान जरिया बन सकता है. इसके जरिये कोई व्‍यक्ति गलत तरीके से राजनीतिक पार्टियों खासतौर पर सत्‍तारूढ़ दल को प्रभावित कर सकता है. गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने कहा कि योजना का नतीजा मनी लॉन्ड्रिंग के तौर पर सामने आया है. इसके तार सीधे पीएमओ से जुड़े हैं. बीजेपी सरकार कुछ उद्यमियों के जरिये देश का 90 फीसदी कारोबार चला रही है.

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    Tags: Congress, Electoral bond, Lok sabha, Manish Tewari, Parliament, PMO, Rajya sabha, Scam, SHASHI THAROOR

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