KCR के खिलाफ कांग्रेस-TDP और लेफ्ट ने मिलाया हाथ, राज्यपाल को लिखी चिट्ठी

राज्यपाल को लिखी गई चिट्ठी में कांग्रेस, लेफ्ट और टीडीपी ने उन बातों को हाइलाइट किया, जिसके जरिये कार्यवाहक सीएम केसीआर राज्य में 'राजनीतिक संकट' लाने की कोशिश कर रहे हैं.

News18Hindi
Updated: September 11, 2018, 9:04 PM IST
KCR के खिलाफ कांग्रेस-TDP और लेफ्ट ने मिलाया हाथ, राज्यपाल को लिखी चिट्ठी
मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) ने 6 सितंबर को विधानसभा भंग करने का फैसला लिया.
News18Hindi
Updated: September 11, 2018, 9:04 PM IST
तेलंगाना में समय से पहले विधानसभा चुनाव की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं. दरअसल, कांग्रेस, तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) और लेफ्ट ने केसीआर के विरोध में मोर्चा खोल दिया है. तेलंगाना विधानसभा को वक्त से पहले भंग कर जल्द चुनाव कराने के केसीआर के फैसले को लेकर तीनों पार्टियों ने गवर्नर ईएसएल नरसिम्हन को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में तीनों पार्टियों ने आरोप लगाया है कि केसीआर अपने संवैधानिक शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे राज्य के हित में रोका जाना चाहिए.

BJP के साथ गठबंधन की बात टालने के लिए जल्द चुनाव कराना चाहते हैं KCR?

तीनों पार्टियों ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में तय वक्त से पहले चुनाव कराने के केसीआर के इस फैसले से उनकी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सीधे तौर पर लाभान्वित हो रही है. जबकि, केसीआर के इस 'असंवैधानिक' फैसले से विपक्ष पर असर पड़ेगा.

राज्यपाल को लिखी गई चिट्ठी में कांग्रेस, लेफ्ट और टीडीपी ने उन बातों को हाइलाइट किया, जिसके जरिये कार्यवाहक सीएम केसीआर राज्य में 'राजनीतिक संकट' लाने की कोशिश कर रहे हैं. तीनों पार्टियों ने राज्यपाल को यह भी बताया कि कैसे कार्यवाहक टीआरएस सरकार ने 12 सलाहकारों की नियुक्ति की, जिसकी फिलहाल कोई जरूरत नहीं थी. सरकार इन गैरजरूरी सलाहकारों को मोटी तनख्वाह और भत्ते भी दे रही है. इससे जनता के पैसों का दुरुपयोग ही हो रहा है.


KCR का लकी 6, जल्दी चुनाव के लिए भंग करवाई तेलंगाना विधानसभा

तीनों पार्टियों ने चिट्ठी में लिखा कि कैसे प्लानिंग बोर्ड के मेंबर्स को भी अथॉरिटी दे दी गई है. कैसे कैबिनेट रैंक के कुछ विधायकों को असंवैधानिक रूप से अलग-अलग कॉरपोरेशंस के चेयरमैन भी बनाए गए हैं. ये सब असंवैधानिक और अवैधानिक है. तीनों पार्टियों ने राज्यपाल से गुजारिश की है कि राज्य में तय समय से पहले चुनाव कराने को लेकर जल्दबाजी में कोई फैसला न लिया जाए.

फ्लैट से लेकर मोबाइल तक, आखिर KCR के लिए इतना लकी क्यों है 6 नंबर?
Loading...
बता दें कि तेलंगाना में तय समय से पहले चुनाव कराने के सियासी रणनीति के बीच मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) ने गुरुवार (6 सितंबर) को कैबिनेट मीटिंग की और विधानसभा भंग करने का फैसला लिया. केसीआर ने इसके साथ ही राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन को अपना इस्तीफा भी सौंपा, जिसे राज्यपाल ने मंजूर भी कर लिया है. राज्यपाल से मुलाकात के बाद केसीआर ने प्रेस कांफ्रेंस की, जिसमें उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए 105 उम्मीदवारों की सूची भी जारी की.

ये भी पढ़ें: तेलंगाना में समय पूर्व चुनाव कवायद, केसीआर को होगा फायदा ?

दरअसल, राज्य विधानसभा का कार्यकाल मई 2019 में लोकसभा के साथ पूरा हो रहा. ऐसे में अगला लोकसभा चुनाव के साथ ही कराया जाना है, लेकिन केसीआर चाहते हैं कि इस साल के आखिर में 4 में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ ही तेलंगाना के चुनाव करा लिए जाएं. साल के अंत में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छ्त्तीसगढ़ और मिजोरम में एक साथ विधानसभा चुनाव होने हैं.


2014 में मिली थीं 63 सीटें
बता दें कि मई 2014 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में केसीआर की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने 119 सीटों में से 63 जीती थीं. इस बार देखना दिलचस्प होगा कि सीएम केसीआर की ओर से 6 सितंबर को विधानसभा भंग करने का फैसला सही साबित होता है या उन्हें इसपर पछताना पड़ेगा.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर