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गाय को किसान आंदोलन से जोड़कर बीजेपी के हिंदुत्व मुद्दे पर सेंध लगाना चाहती है कांग्रेस

किसान आंदोलन को शुरुआत से ही कांग्रेस ने अपना समर्थन दे रखा है.
किसान आंदोलन को शुरुआत से ही कांग्रेस ने अपना समर्थन दे रखा है.

किसान आंदोलन ने कांग्रेस को गाय के साथ जोड़ने का मौका दे दिया है. यही कारण है कि पार्टी अब इस मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ एक मेगा मार्च और अभियान शुरू करने की योजना तैयार कर रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 26, 2020, 11:10 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हिंदुत्व (Hindutva) के मूल में गायों की सुरक्षा और हिंदुओं द्वारा पवित्र माने जाने वाले पशुओं के वध पर प्रतिबंध है. बीजेपी गायों को लेकर जहां पूरी तरह से संवेदनशील है, वहीं कांग्रेस (Congress) हमेशा से इस मुद्दे पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देती रही है. हालांकि अब कांग्रेस के पास एक मौका है, जिससे वह गायों के मुद्दे पर बीजेपी से एक कदम आगे निकलना चाहती है. दरअसल किसान आंदोलन ने कांग्रेस को गाय के साथ जोड़ने का मौका दे दिया है. यही कारण है कि पार्टी अब इस मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ एक मेगा मार्च और अभियान शुरू करने की योजना तैयार कर रही है.

सूत्रों का कहना है कि प्रियंका गांधी वाड्रा भी किसी भी समय इस अभियान में शामिल हो सकती है. इस मुद्दे पर प्रियंका गांधी पहले ही ट्वीट कर चुकी हैं. कांग्रेस का कहना है कि गौ हत्या पर प्रतिबंध से यूपी में किसान बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. पार्टी के नेताओं का कहना है कि आम तौर पर एक गाय तीन बछड़ों को जन्म तक ही अच्छा दूध देती है, इस​के बाद उनका दूध का उत्पादन तेजी से गिरता है. गाय जब दूध देना बंद कर देती हैं तो किसान उन्हें छोड़ देते हैं.

इसके साथ ही खेती के तरीकों में भी बदलाव आया है. पहले ही तरह अब बैलों से खेती नहीं की जाती है. बैलों की जगह ट्रैक्टर ने जगह ले ली है, इसलिए किसान तेजी से इन्हें छोड़ रहे हैं. किसान जब इन जानवरों को छोड़ देते हैं तो ये मवेशी सड़क पर घूमते रहते हैं और कई बार अमानवीय परिस्थितियों में पा जाते हैं. इसके साथ ही कई बार मवेशी ​खेतों में घुसने लगते हैं, जिसके कारण किसानों को कांटेदार तार की बाड़ लगानी पड़ती है. इसके कारण किसानों की लागत बढ़ जाती है. कांग्रेस अब इस मुद्दे को योगी सरकार और बीजेपी के खिलाफ जोर-शोर से उठाने की तैयारी कर रही है.
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गायों से जुड़े इन तथ्यों के जरिए कांग्रेस हिंदुत्व चेहरा बनने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस जानती है कि वह गोहत्या का समर्थन नहीं कर सकती लेकिन इसे किसान मुद्दे के साथ जोड़कर अपनी अलग पहचान जरूर बना सकती है. पार्टी को उम्मीद है कि वह गाय और किसान दोनों को इस मुद्दे के जरिए अपनी ओर आकर्षित कर सकती है. गाय हमेशा से कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति के मामले में दुविधा का मुद्दा रही है. बहुत कम लोगों को याद है कि इंदिरा गांधी जब कांग्रेस का गठन करने के लिए अलग हुई थीं तब उनका पार्टी चिह्न 'एक गाय और एक बछड़ा' था. उस वक्त उन्होंने नारा दिया था, 'बछड़े और गाय को वोट दो, अब दूसरों को भूल जाओ.' (यह लेखक के निजी विचार हैं)
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