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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुलाम नबी आजाद से पूछा- DDC इलेक्शन के चुनाव प्रचार में क्यों नहीं आये?

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुलाम नबी आजाद का पुतला फूंका

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुलाम नबी आजाद का पुतला फूंका

एक ओर कांग्रेस जहां पांच राज्यों के चुनाव में विपक्षी भाजपा और टीएमसी का सामना कर रही है तो वहीं अंदरखाने नेताओं की बयानबाजी से जूझ रही है.

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नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) के भीतर कलह का दौर अब भी जारी है. बीते दिनों 23 नेताओं की बैठक के बाद हंगामा जारी है. एक ओर पार्टी जहां पांच राज्यों के चुनाव में विपक्षी भाजपा (BJP) और टीएमसी (TMC) का सामना कर रही है तो वहीं अंदरखाने नेताओं की बयानबाजी से जूझ रही है. अब कांग्रेस  कार्यकर्ता भी जी-23 के नेताओं के खिलाफ खुलकर आ गए हैं.

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुलाम नबी आज़ाद (Ghulam Nabi Azad) के खिलाफ नारे लगाए और जम्मू में उनका पुतला जलाया. कार्यकर्ताओं ने कहा, 'कांग्रेस ने उन्हें इतना सम्मान दिया लेकिन आज जब इसका समर्थन करने का समय है, तो उन्होंने बीजेपी के साथ दोस्ती की. वह डीडीसी चुनाव प्रचार में नहीं आये लेकिन अब यहां पीएम की प्रशंसा कर रहे हैं.'

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जम्मू में हुई थी बैठक
बीते दिनों जम्मू और कश्मीर में 23 असंतुष्ट नेताओं की एक बैठक हुई थी जिसमें कथित तौर पर कांग्रेस हाईकमान पर सवाल उठाए गए थे. बैठक में आनंद शर्मा, विवेक तन्खा, राजबब्बर समेत कई नेता मौजूद थे. माना जा रहा है कि ऐसी ही एक और बैठक अब हिमाचल प्रदेश में हो सकती है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने भी सोमवार को पार्टी की बंगाल इकाई के उस फैसले की आलोचना की जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस, ISF के साथ गठबंधन कर बंगाल विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी. शर्मा ने इसे धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ बताया.

कई कांग्रेस नेताओं ने की प्रशंसा
दूसरी ओर कई कांग्रेस नेताओं ने आजाद की जमकर प्रशंसा की जो हाल ही में राज्यसभा से सेवानिवृत्त हुए हैं. कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में दिग्गज नेता की प्रमुख भूमिका होगी क्योंकि राष्ट्र की पहचान को सत्तारूढ़ भाजपा से ‘खतरा’ है. आजाद 15 फरवरी को संसद के उच्च सदन से सेवानिवृत्त हुए थे.

तिवारी ने कहा था, 'जब यह देश खतरे का सामना कर रहा है और इसकी पहचान बदलने की कोशिश की जा रही है, तो ऐसे में हमें राष्ट्र रूपी जहाज को किनारे तक ले जाने के लिए आजाद जैसे नेता और उनके मार्गदर्शन की जरूरत है.' उन्होंने कहा, 'समय आ गया है जब प्रगतिशील, राष्ट्रवादी और धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एक मंच पर साथ आना चाहिए. इसमें आजाद की प्रमुख भूमिका रहेगी.' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आजाद को धन्यवाद देने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण गांधी ग्लोबल फैमिली के निमंत्रण पर यहां आए हैं.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सवाल किए जा रहे हैं कि ‘ हम यहां क्यों आए हैं?’ उन्होंने कहा, 'हम भारत में रहते हैं और देश में कहीं भी जाने का हमारा अधिकार है. हमें किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है. हम यहां एक संदेश देने आए हैं कि जिस व्यक्ति के साथ हमने 40 साल से अधिक समय बिताया है, हम उनके साथ हैं.' हालांकि, उन्होंने कहा, 'हमने पार्टी की स्थिति में सुधार और इसे मजबूत बनाने के लिए अपनी आवाज उठाई है ताकि युवा पार्टी में शामिल हों.'
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