प्रधानमंत्री दे रहे थे नए मंत्रियों का परिचय तो विपक्ष ने किया हंगामा, राजनाथ बोले- 24 साल में ऐसा पहली बार देखा

मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में राजनाथ सिंह

Loksabha Monsoon Session: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संसद की सबसे बड़ी शक्ति स्वस्थ परंपराएं होती हैं. संसद की ये स्वस्थ परंपराएं संविधान एवं संसद नियमों पर आधारित होती हैं

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    नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने लोकसभा (Lok sabha) में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा नये मंत्रियों का परिचय कराने के दौरान कांग्रेस सदस्यों के हंगामे को दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्होंने संसद में ऐसा दृश्य अपने 24 वर्ष के संसदीय जीवनकाल में नहीं देखा. संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन लोकसभा की बैठक शुरू होने पर नव निर्वाचित सदस्यों ने शपथ ली. इसके बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिपरिषद के नये मंत्रियों का परिचय कराने के लिए उठे तो विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी. हंगामे के बीच प्रधानमंत्री ने नये मंत्रियों के परिचय का विवरण सदन के पटल पर रखा.

    इस संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संसद की सबसे बड़ी शक्ति स्वस्थ परंपराएं होती हैं. संसद की ये स्वस्थ परंपराएं संविधान एवं संसद नियमों पर आधारित होती हैं और संसद की स्वस्थ परंपराओं को बनाकर रखना सत्ता पक्ष, विपक्ष सभी की जिम्मेदारी है.

    24 साल में पहली बार देखा ऐसा- राजनाथ सिंह
    उन्होंने कहा, ‘मेरा 24 वर्षों का संसद का अनुभव रहा है और हमेशा से देखा है कि जो भी प्रधानमंत्री होते हैं वह कार्यवाही शुरू होने पर सबसे पहले अपने मंत्रिमंडल विस्तार की जानकारी देते हैं.ट सिंह ने कहा कि एक मंत्री हों या अनेक मंत्री हों, प्रधानमंत्री सभी का परिचय कराते हैं और पूरा सदन उनकी बात को शांतिपूर्ण तरीके से सुनता है. उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने 24 वर्ष के संसदीय जीवन में पहली बार देखा है कि इस परंपरा को तोड़ा गया है. कांग्रेस ने आज जो किया है वह दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण है.’ इस दौरान कांग्रेस सदस्यों को ‘काले कानून वापस लो’ के नारे लगाते सुना गया.

    इससे पहले प्रधानमंत्री ने सोमवार को सांसदों और सभी राजनीतिक दलों से संसद के मानसून सत्र में तीखे से तीखे सवाल करने का आग्रह किया लेकिन साथ में यह भी कहा कि शांत वातावरण में वह सरकार को जवाब देने का मौका दें. संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले पत्रकारों से चर्चा में प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 सहित सभी मुद्दों पर यह सत्र सार्थक चर्चा के लिए समर्पित हो क्योंकि जनता कई मुद्दों पर जवाब चाहती है.

    उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार भी पूरी तरह तैयार है. प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों के नेताओं से मंगलवार की शाम कुछ समय निकालने का आग्रह किया और कहा कि वह महामारी के संबंध में सारी विस्तृत जानकारी उन्हें भी देना चाहते हैं.

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