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भूटान-मालदीव पहुंची भारत की कोविड-19 वैक्सीन की पहली खेप, विदेश मंत्री ने कहा- पड़ोसी पहले

भूटान पहुंची वैक्सीन की पहली खेप (Photo-ANI)
भूटान पहुंची वैक्सीन की पहली खेप (Photo-ANI)

Covid-19 Vaccines: भारत सहायता अनुदान के तहत भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, सेशेल्स को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति करेगा. जिसमें से भूटान और मालदीव में वैक्सीन की पहली खेप पहुंच चुकी है.

  • Last Updated: January 20, 2021, 7:49 PM IST
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नई दिल्ली. भारत ने सहायता अनुदान के तहत पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके (Covid-19 Vaccine) की आपूर्ति बुधवार को शुरू कर दी और इस श्रृंखला में भूटान (Bhutan) और मालदीव (Madieves) को टीके की खेप भेजी गई. वैक्सीन के अपने गंतव्य पर पहुंचने के बाद भारत ने इसे अपने पड़ोसियों के प्रति सह्रदयता बताया. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भूटान में वैक्सीन की खेप पहुंचने के बाद ट्वीट किया, "वैक्सीन मैत्री की शुरुआत. भूटान में खेप पहुंची. 'पड़ोसी पहले' का एक और उदाहरण है." वहीं मालदीव में वैक्सीन की खेप पहुंचने के बाद विदेश मंत्री ने लिखा, "भारत की वैक्सीन मालदीव पहुंच गई हैं, ये हमारी खास दोस्ती को दिखाता है."

वैक्सीन की खेप रवाना किये जाने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ट्वीट किया, ‘‘भारत ने पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति शुरू कर दी. पहली खेप भूटान के लिए रवाना हो गई.’’ प्रवक्ता ने ट्वीट के साथ चित्र भी साझा किया. उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘मालदीव के लिए कोविड टीके की खेप रवाना हुई.’’
गौरतलब है कि मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत सहायता अनुदान के तहत भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, सेशेल्स को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति करेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने ट्वीट में कहा था कि भारत वैश्विक समुदाय की स्वास्थ्य सेवा जरूरतों को पूरा करने के लिए ‘भरोसेमंद’ सहयोगी बनकर काफी सम्मानित महसूस कर रहा है और बुधवार से टीकों की आपूर्ति शुरू होगी तथा आने वाले दिनों में और काफी कुछ होगा.



गौरतलब है कि भारत दुनिया के बड़े टीका निर्माताओं में से एक है और कोरोना वायरस का टीका खरीदने के लिए काफी देशों ने सम्पर्क किया है. समझा जाता है कि पाकिस्तान को इसका फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि अभी तक इस पड़ोसी देश ने भारत से सम्पर्क नहीं किया है.

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विदेश मंत्रालय ने कहा था कि घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत आगामी हफ्ते, महीने में चरणबद्ध तरीके से सहयोगी देशों को कोविड-19 टीकों की आपूर्ति करेगा. भारत इस संबंध में श्रीलंका, अफगानिस्तान और मारिशस से टीके की आपूर्ति के लिए जरूरी नियामक मंजूरी की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहा है.

गौरतलब है कि भारत ने देशभर में अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ कर्मियों को दो टीकों कोविशिल्ड और कोवैक्सीन लगाने के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया है. आक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशिल्ड टीके का सीरम इंस्टीट्यूट उत्पादन कर रहा है जबकि कोवैक्सीन का उत्पादन भारत बायोटेक कर रहा है.

विदेश मंत्रालय ने कहा था कि टीके की आपूर्ति से पहले प्रशासनिक एवं परिचालन संबंधी आयामों को शामिल करते हुए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जो प्राप्तकर्ता देशों के टीकाकरण प्रबंधकों, कोल्ड चेन अधिकारियों, संवाद अधिकारियों, डाटा प्रबंधकों के लिए होगा.
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