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बदले जम्मू-कश्मीर में पहली बार 26 नवंबर को मनाया जाएगा 'संविधान दिवस'

बदले जम्मू-कश्मीर में पहली बार 26 नवंबर को मनाया जाएगा 'संविधान दिवस'

साल 2019 के अगस्त महीने में नरेंद्र मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला किया. 6 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बिल पेश कर जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने का बिल पेश किया. राज्‍यसभा में जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद-370 हटाकर सूबे को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने विधेयक उसी दिन पारित हो गया. अगले दिन लोकसभा से भी यह बिल पास हो गया. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सूबे में गरीबी का बड़ा कारण अनुच्‍छेद-370 के प्रावधान हैं. इसी के कारण राज्‍य में विकास नहीं हो पा रहा है. इस फैसले से वादी में अशांति की विपक्ष की आशंकाओं को खारिज करते हुए उन्‍होंने कहा था, 'कुछ नहीं होगा, राज्‍य धरती का स्‍वर्ग था और रहेगा.' सरकार के इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चली आ रही कश्मीर समस्या अपने स्थाई समाधान की ओर तरफ मुड़ गई. ये फैसला लेने के बाद सरकार को एहतियातन कश्मीर में सख्ती करनी पड़ी थी लेकिन अब वक्त गुजरने के साथ इसमें लगातार ढील दी जा रही है.

साल 2019 के अगस्त महीने में नरेंद्र मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला किया. 6 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बिल पेश कर जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने का बिल पेश किया. राज्‍यसभा में जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद-370 हटाकर सूबे को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने विधेयक उसी दिन पारित हो गया. अगले दिन लोकसभा से भी यह बिल पास हो गया. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सूबे में गरीबी का बड़ा कारण अनुच्‍छेद-370 के प्रावधान हैं. इसी के कारण राज्‍य में विकास नहीं हो पा रहा है. इस फैसले से वादी में अशांति की विपक्ष की आशंकाओं को खारिज करते हुए उन्‍होंने कहा था, 'कुछ नहीं होगा, राज्‍य धरती का स्‍वर्ग था और रहेगा.' सरकार के इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चली आ रही कश्मीर समस्या अपने स्थाई समाधान की ओर तरफ मुड़ गई. ये फैसला लेने के बाद सरकार को एहतियातन कश्मीर में सख्ती करनी पड़ी थी लेकिन अब वक्त गुजरने के साथ इसमें लगातार ढील दी जा रही है.

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के सामान्य प्रशासन विभाग (Department of General Administration) के अतिरिक्त सचिव सुभाष सी छिब्बर ने कहा, 'सरकारी कार्यालय (Government office) सहित सभी संस्थानों में सुबह 11 बजे संविधान की प्रस्तावना (Preamble of Constitution) को पढ़ा जाएगा.'

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    जम्मू. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में अनुच्छेद-370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधानों को खत्म करने और वर्ष 1957 से लागू राज्य संविधान (State Constitution) भंग होने के बाद पहली बार 26 नंवबर को भारत का संविधान (Indian Constitution) अंगीकार करने की 70वीं सालगिरह मनाया जाएगा.

    जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव सुभाष सी छिब्बर ने सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा, 'संविधान निर्माताओं (Makers of Constitution) के योगदान के प्रति आभार प्रकट करने और इसमें शामिल उत्कृष्ट मूल्यों और नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 26 नवंबर को संविधान दिवस (Constitution Day) के रूप में मनाया जाएगा. इस वर्ष संविधान स्वीकार करने की 70वीं सालगिरह है.'

    सरकारी कार्यालयों सहित सभी संस्थानों में पढ़ी जाएगी संविधान की प्रस्तावना
    जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग (Department of General Administration) के अतिरिक्त सचिव सुभाष सी छिब्बर ने कहा, 'सरकारी कार्यालय सहित सभी संस्थानों में सुबह 11 बजे संविधान की प्रस्तावना को पढ़ा जाएगा और इसके बाद लोग मौलिक कर्तव्यों का अनुपालन करने की शपथ लेंगे.'

    आदेश के मुताबिक, ‘मंडलायुक्त (Commissioner), जिला उपायुक्त, विभागों के प्रमुख, सभी पुलिस प्रतिष्ठान यह सुनिश्चित करें कि उनके सभी अधीनस्थ कार्यालय प्रस्तावना को पढ़े और मौलिक कर्तव्यों के अनुपालन की शपथ लें.'

    1949 में 26 जनवरी को ही भारत का संविधान किया गया था अंगीकार
    देशव्यापी अभियान के तहत नव गठित केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) में भी मंगलवार को मौलिक कर्तव्यों को लेकर अभियान की शुरुआत होगी और इसका समापन अगले साल 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr Bhimrao Ambedkar) की जयंती पर होगा.

    गौरतलब है कि 26 नवंबर का ऐतिहासिक महत्व है. 1949 में इसी दिन भारत के संविधान को अंगीकार (Adopt) किया गया और 26 जनवरी 1950 को यह पूरी तरह से प्रभावी हुआ और देश गणतंत्र (Republic) बना.

    यह भी पढ़ें: कश्मीर में स्थिति हो रही सामान्य, पहले के मुकाबले अधिक वाहन नजर आये

    Tags: Article 35A, Article 370, Bhimrao Ambedkar, Jammu, Jammu and kashmir, Police, Republic day

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