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भारत में 7 एटमी संयंत्रों का निर्माण जारी, 17 अन्य पर जल्द शुरू होगा काम

News18Hindi
Updated: October 19, 2019, 4:55 PM IST
भारत में 7 एटमी संयंत्रों का निर्माण जारी, 17 अन्य पर जल्द शुरू होगा काम
भारत में 7 एटमी संयंत्रों का निर्माण जारी, 17 अन्य पर जल्द शुरू होगा काम

भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटिड (NPCIL) ने पिछले साल ही कहा था कि 2030 तक भारत (India) में 21 एटमी संयंत्रों ( Atomic Energy) का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा.

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  • Last Updated: October 19, 2019, 4:55 PM IST
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नई दिल्ली. परमाणु ऊर्जा रिएक्टरों (Nuclear Power Reactors) में मानकीकरण को बढ़ाने और उनके निर्माण में 'मॉड्यूलरिटी' लाने के लिए भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटिड (NPCIL) भविष्य की योजनाओं के लिए 'फ्लीट मोड' निर्माण करेगी. परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy) के सचिव केएन व्यास ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

इंडिया एनर्जी फोरम के परमाणु ऊर्जा सम्मेलन में व्यास ने कहा कि 17 नए रिएक्टरों को बनाया जाना है और सात रिएक्टर निर्माणधीन हैं. परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि हम 'फ्लीट मोड' निर्माण करेंगे, जिससे निर्माण की लागत में कमी आएगी और तेजी से तथा वक्त पर निर्माण होगा. उन्होंने कहा कि भारत परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बहुत पहले से है और एशिया का पहला शोध रिएक्टर देश में ही लगाया गया था.

व्यास ने बताया कि हम संयंत्रों का बड़े स्तर पर एक साथ निर्माण शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं. इससे इन्हें बनाने में खर्च और समय दोनों कम किए जा सकेंगे. एनपीसीआईएल ने पिछले साल ही कहा था कि 2030 तक भारत में 21 एटमी संयंत्रों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा. व्यास ने एक बार फिर उसी समय सीमा के बारे में फिर से जानकारी देते हुए कहा कि भारत परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में काफी पुराना खिलाड़ी रहा है. एशिया का पहला परमाणु रिसर्च संयंत्र भी भारत में ही तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि हमने काफी कठिन रास्ता तय किया है और हम पिछले कुछ दशकों में एटमी संयंत्र निर्माण को 22 एटमी संयंत्र तक बढ़ा सकते हैं, जो दुनिया का सातवां सबसे बड़ा बेड़ा साबित होगा.

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एनपीसीआईएल ने पिछले साल ही कहा था कि 2030 तक भारत में 21 एटमी संयंत्रों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा.


भारत में छोटे परमाणु संयंत्रों का हुआ निर्माण
व्यास ने कहा कि अब तक देश में सिर्फ छोटे परमाणु संयंत्रों का ही निर्माण किया गया है ताकि इन्हें तैयार कर अंतरराष्ट्रीय मदद के बिना ही कुछ अनुभव हासिल किया जा सके. इलेक्ट्रिकल ग्रिड में संयंत्रों का योगदान बेहद कम दिखाई देता है.

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एशिया का पहला शोध रिएक्टर देश में ही लगाया गया था.

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परमाणु ऊर्जा पर लोगों को जागरूक करने की जरूरत
राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि परमाणु ऊर्जा को लेकर आम लोगों के बीच कई तरह की गलत सोच है. परमाणु ऊर्जा को लेकर जागरुकता बढ़ाए जाने की जरूरत है. परमाणु ऊर्जा से ही देश में बढ़ती ऊर्जा की मांग की आपूर्ति को पूरा किया जा सकता है.

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First published: October 19, 2019, 3:24 PM IST
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