पूर्वोत्तर राज्यों को मोदी की सौगात, बांग्लादेश के इस बंदरगाह पर पहुंच होगी आसान

अगरतला से सबरूम के बीच नई लाइन के निर्माण का काम पूरा हो गया है. इससे सारे उत्तर पूर्वी राज्यों और बांग्लादेश को फायदा होगा. बांग्लादेश के चटगांव पोर्ट से सबरूम की दूरी महज़ 70 किलोमीटर है. इससे भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा

Chandan Kumar | News18India
Updated: July 31, 2019, 3:24 PM IST
पूर्वोत्तर राज्यों को मोदी की सौगात, बांग्लादेश के इस बंदरगाह पर पहुंच होगी आसान
अगरतला से सबरूम के बीच नई लाइन के निर्माण का काम पूरा
Chandan Kumar | News18India
Updated: July 31, 2019, 3:24 PM IST
भारतीय रेलवे ने त्रिपुरा में रेल निर्माण में एक बड़ी कामयाबी दर्ज़ की है. यहां अगरतला से सबरूम के बीच नई लाइन के निर्माण का काम पूरा हो गया है. सबरूम तक रेल सेवा शुरू होने के बाद सभी उत्तर पूर्वी राज्यों और बांग्लादेश को बड़ा फायदा होगा. बांग्लादेश के चटगांव पोर्ट से सबरूम की दूरी महज़ 70 किलोमीटर है. फिलहाल इलाके में पहुंचने के लिए सैकड़ों किलोमीटर तक उत्तरी त्रिपुरा, असम और मेघालय के पहाड़ी रास्तों से होकर गुज़रना पड़ता है.

नई लाइन पर जल्द शुरू होगी रेल सेवा
उत्तरी पूर्वी राज्यों में रेल संपर्क बढ़ाने के मामले में रेलवे ने एक बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है. त्रिपुरा में बेलुनिया से सबरूम के बीच करीब 39 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण पूरा हो चुका है. कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की मंज़ूरी के साथ ही इस लाइन पर रेल सेवा शुरू कर दी जाएगी. अगरतला से सबरूम के बीच 113 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का ये आखिरी सेक्शन है. ये रेलवे लाइन त्रिपुरा के 4 ज़िलों पश्चिमी त्रिपुरा, सेपहिजाला, गोमती और दक्षिणी त्रिपुरा के 12 स्टेशनों से होकर गुज़रती है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर रेलवे ने करीब 3400 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. इसे मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.

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इस नई रेल लाइन से असम, त्रिपुरा और मेघालय के लोगों को फायदा होगा


कम होगी चटगांव पोर्ट की दूरी
इस लाइन का बड़ा फायदा भारत के सभी उत्तरी-पूर्वी राज्यों को मिलने वाला है. सबरूम रेलवे स्टेशन त्रिपुरा के दक्षिण में बांग्लादेश सीमा पर मौजूद है. यहां से बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह की दूरी महज़ 70 किलोमीटर है. हालांकि इलाके में चटगांव बंदरगाह तक पहुंचने के लिए बंग्लादेश तेज़ी से सड़क निर्माण का काम कर रहा है. उम्मीद है कि इस साल के अंत तक बांग्लादेश में यह काम पूरा हो जाएगा. त्रिपुरा से चटगांव बंदरगाह पहुंचने के लिए मुश्किल सड़कों पर करीब 200 किलोमीटर तक सफर करना होता है.

सस्ती होगी माल ढुलाई, बांग्लादेश से व्यापार बढ़ेगा
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त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल और असम को चटगांव पोर्ट से करीबी की वजह से बड़ा फायदा मिलने वाला है. इन इलाकों तक सामान पहुंचाने या यहां से बाहर ले जाना अब काफी सस्ता सौदा होगा साथ ही इसमें समय की भी बचत होगी. इससे भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार को काफी बढ़ावा मिलेगा. सबरूम रेल लाइन पर ही उदयपुर में त्रिपुर सुंदरी देवी का मंदिर है. यह 51 शक्तिपीठों में से एक है और बांग्लादेश के हिन्दुओं के बीच भी इस मंदिर की काफी मान्यता है. ज़ाहिर है नई लाइन के निर्माण से बांग्लादेश के लाखों श्रद्धालुओं को भी इसका फायदा मिलेगा.

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First published: July 31, 2019, 2:26 PM IST
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