लाइव टीवी

असम राइफल्स का संचालन नियंत्रण गृह मंत्रालय को देने से चीन सीमा पर निगरानी प्रभावित होगी : सेना

भाषा
Updated: September 29, 2019, 5:56 PM IST
असम राइफल्स का संचालन नियंत्रण गृह मंत्रालय को देने से चीन सीमा पर निगरानी प्रभावित होगी : सेना
असम राइफल्स (Assam Rifles)

गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के प्रस्ताव को सेना ने लाल झंडी दिखा दी है जिसके तहत असम राइफल्स (Assam Rifles) के संचालन नियंत्रण की जिम्मेदारी मंत्रालय अपने पास लेना चाहता है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 29, 2019, 5:56 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. सेना ने गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के उस प्रस्ताव को लाल झंडी दिखा दी है जिसके तहत असम राइफल्स (Assam Rifles) के संचालन नियंत्रण की जिम्मेदारी मंत्रालय अपने पास लेना चाहता है. सेना का कहना है कि इस कदम से चीन के साथ लगने वाली देश की संवेदनशील सीमा की निगरानी का काम गंभीर रूप से प्रभावित होगा, वह भी तब जब चीन भारत के साथ लगने वाली सीमा पर बुनियादी सैन्य ढांचे को मजबूत कर रहा है.

शीर्ष सैन्य सूत्रों ने कहा कि इस प्रस्ताव से चिंतित सेना ने रक्षा मंत्रालय के साथ इस मुद्दे को पिछले हफ्ते गंभीरता से उठाया है और उससे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए कहा कि वह बताए कि करीब 185 साल पुराने असम राइफल्स का संचालन नियंत्रण गृह मंत्रालय को सौंपे जाने के राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये गंभीर निहितार्थ होंगे.

असम राइफल्स की देश की सभी 46 बटालियन के गृह मंत्रालय में विलय के प्रस्ताव को सेना ने नामंजूर कर दिया था. सेना की ओर से रक्षा मंत्रालय को बीते सप्ताह ही एक रिपोर्ट सौंपी गई थी. जिसमें कहा गया कि यदि असम राइफल्स का गृह मंत्रालय में विलय किया गया तो इससे भारत-चीन सीमा की निगरानी के साथ पूर्वोत्तर और जम्मू कश्मीर में आतंकी ऑपरेशनों पर भी असर पड़ेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) के गृह मंत्रालय के उस प्रस्ताव पर विचार करने की संभावना है जिसके तहत असम राइफल्स को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के साथ मिलाने और उनका संयुक्त संचालन नियंत्रण उसे देने की बात है.

ये भी पढ़ें : कश्मीर में आतंकवादी वारदात के बाद निगरानी और आतंकवाद निरोधक अभियान तेज

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 29, 2019, 5:56 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...