फारूक अब्दुल्ला का विवादित बयान, कहा- चीन की मदद से कश्मीर में बहाल होगा अनुच्छेद 370

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला अनुच्छेद 370 को लेकर दिया विवादित बयान

केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार ने 5 जुलाई 2019 को जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 (Article 370) और 35A (Article 35A) को निष्प्रभावी कर दिया था. सरकार के इस कदम का पाकिस्तान (Pakistan) और चीन (China) ने विरोध किया था.

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    नई दिल्ली. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने राज्य से हटाए गए अनुच्छेद 370 (Article 370) को लेकर विवादित बयान दिया हे. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को बहाल करने में चीन से मदद मिल सकती है. इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार के इस कदम में साथ देने वालों को गद्दार बताया है.

    फारूक अब्दुल्ला ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, 'जहां तक चीन का सवाल है मैंने कभी भी चीन के राष्ट्रपति को कश्मीर में नहीं बुलाया है. हमारे प्रधानमंत्री ने उन्हें गुजरात बुलाया था और उन्हें झूले पर भी बैठाया था. इसके बाद उन्हें चेन्नई भी ले गए थे. वहां भी उन्हें खूब खिलाया गया, लेकिन उन्हें ये सब पसंद नहीं आया. उन्होंने पीएम के सबकुछ करने के बाद भी कहा कि आर्टिकल 370 हटाया जाना उन्हें कबूल नहीं है. उन्होंने कहा कि आप जब तक आर्टिकल 370 को बहाल नहीं करेंगे तब तक हम रुकने वाले नहीं हैं.' फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अल्लाह करे कि चीन के इस जोर से हमारे लोगों को मदद मिले और अनुच्छेद 370 और 35A बहाल हो.


    बता दें कि मोदी सरकार ने 5 जुलाई 2019 को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 और 35A को पूरी तरह से हटा लिया था. सरकार के इस कदम का पाकिस्तान और चीन ने मुखर विरोध किया था. हालांकि भारत ने पूरी दुनिया को ये बता दिया कि ये हमारा आंतरिक मामला है, जिसे लेकर कोई भी देश दखल नहीं दे सकता है.

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    लोकसभा में भी फारूक अब्दुल्ला ने उठाया था ये मुद्दा
    बता दें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला शुरू से ही पहले की स्थिति बहाल करने की मांग करते रहे हैं. संसद के मानसून सत्र में भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था. लोकसभा में बोलते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति आज ऐसी है कि जहां प्रगति होनी थी वहां कोई प्रगति नहीं है. उन्होंने कहा कि पूरे हिंदुस्तान में 4जी नेटवर्क की सुविधा है, जबकि हमारे यहां अभी भी नहीं है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में हर बच्चे को इंटरनेट से तालीम दी जा रही है, लेकिन हमारे यहां बच्चे अभी भी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं.

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