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टीपू सुल्तान के अध्याय पर विवाद जारी, CM येडियुरप्पा बोले- समिति की रिपोर्ट के अनुसार लेंगे फैसला

भाषा
Updated: October 31, 2019, 7:02 PM IST
टीपू सुल्तान के अध्याय पर विवाद जारी, CM येडियुरप्पा बोले- समिति की रिपोर्ट के अनुसार लेंगे फैसला
सीएम येडियुरप्पा ने टीपू से जुड़े चैप्टर को लेकर कहा कि अध्याय हटाने के बारे में कोई भ्रम नहीं है

सीएम बीएस येडियुरप्पा (CM BS Yeddyurappa) ने कर्नाटक के विवादित शासक टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) पर एक अध्याय के बारे में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है. भाजपा (BJP) में कई नेताओं का दावा है कि टीपू सुल्तान पर अध्याय मैसूर के शासक द्वारा खासतौर पर कोडागु जिले में किये गये अत्याचारों को नजरअंदाज करता है.

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बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा (BS Yediyurappa) ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार ने राज्य पाठ्य-पुस्तक कमेटी को मध्य विद्यालय की इतिहास की पुस्तक में 18वीं सदी के मैसूर (Masoor) राज्य के विवादित शासक टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) पर एक अध्याय के बारे में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘टीपू सुल्तान पर अध्याय हटाने के बारे में कोई भ्रम नहीं है. (शिक्षा मंत्री एस) सुरेश कुमार ने मुझसे कहा कि एक समिति गठित की गई है.’’

येडियुरप्पा ने कहा, ‘‘समिति की रिपोर्ट के आधार पर कोई फैसला लिया जाएगा.’’ उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि इस मुद्दे पर भाजपा (BJP) के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है. शहर में संवाददाताओं से बात करते हुए प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ विधायक अप्पाचू रंजन ने उन्हें पत्र लिख कर कहा था कि कोडवा समुदाय टीपू की ज्यादतियों का शिकार बना था. उन्होंने विधायक को उद्धृत करते हुए कहा कि इसलिए पाठ्य-पुस्तक में टीपू का महिमामंडन करने का विषय राज्य की पाठ्य-पुस्तक समिति के पास भेज दिया गया है.

रिपोर्ट के आधार पर उठाए जाएंगे कदम
सुरेश कुमार ने कहा, ‘‘मैं समिति से रंजन द्वारा उठाये गये बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करने और मुझे एक रिपोर्ट सौंपने को कहूंगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘रिपोर्ट के आधार पर मैं आगे कदम उठाउंगा.’’

गौरतलब है कि जुलाई में कर्नाटक की सत्ता में आने के शीघ्र बाद येडियुरप्पा नीत भाजपा सरकार ने टीपू सुल्तान की जयंती पर मनाये जाने वाले कार्यक्रमों को रद्द करने का फैसला किया था. टीपू जयंती मनाया जाना तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 2015 में शुरू किया था.

भाजपा नेताओं ने किया ये दावा
भाजपा में कई नेताओं का दावा है कि टीपू पर अध्याय मैसूर के शासक (टीपू के) द्वारा खासतौर पर कोडागु जिले में किये गये अत्याचारों को नजरअंदाज करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि शासक ने बड़े पैमाने पर धर्मांतरण कराया था. मैसूर के इस शासक पर मंडयम आयंगर समुदाय के लोगों का बड़े पैमाने पर नरसंहार करने का भी आरोप है.
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गौरतलब है कि टीपू पर अध्याय हटाने से जुड़े भाजपा सरकार के कदम का विरोध करते हुए कांग्रेस नेता सिद्धरमैया ने बुधवार को भाजपा को ‘धर्मांध’ बताया था. उन्होंने कहा, ‘‘पाठ्य-पुस्तक से टीपू पर अध्याय हटाना इतिहास के तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने जैसा है....’’

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First published: October 31, 2019, 7:02 PM IST
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