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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे को लेकर बढ़ा विवाद

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Updated: October 31, 2019, 3:26 PM IST
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे को लेकर बढ़ा विवाद
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर बढ़ा विवाद

दिल्ली सरकार ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और हरियाणा सरकार (Haryana Government) पर आरोप लगाया है कि दोनों ही राज्यों ने भूमि अधिग्रहण में काफी देरी कर दी है. इसी के साथ दिल्ली सरकार ने पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के लिए किसी भी तरह का अतिरिक्त भुगतान करने से भी इनकार कर दिया है.

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  • Last Updated: October 31, 2019, 3:26 PM IST
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देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) इन दिनों स्मॉग की चादर में घिरी हुई है. दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण (Pollution) के स्तर के बीच अब ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (Eastern and Western Peripheral Expressway) के निर्माण को लेकर नया विवाद छिड़ गया है. इस एक्सप्रेस-वे के बारे में कहा जा रहा है कि इसके बनने के बाद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी कम हो जाएगा. दिल्ली सरकार ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और हरियाणा सरकार (Haryana Government) पर आरोप लगाया है कि दोनों ही राज्यों ने भूमि अधिग्रहण में काफी देरी की है. इसी के साथ दिल्ली सरकार ने पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के लिए किसी भी तरह का अतिरिक्त भुगतान करने से भी इनकार कर दिया है.

पिछले हफ्ते ही सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए अपने आवेदन में दिल्‍ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने स्पष्ट किया था कि इस परियोजना के लिए उनकी सरकार और पैसा जारी नहीं कर सकती है. केजरीवाल सरकार ने इस परियोजना की देरी के लिए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश व हरियाणा सरकार को जिम्मेदार ठहाराया है. उन्होंने कहा कि परियोजना में देरी के लिए जिम्मेदार राज्यों को इसके लिए भुगतान करना चाहिए.

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दिल्ली सरकार ने कहा कि देश की राजधानी में प्रदूषण के स्तर में कमी नहीं आई है.


दिल्ली सरकार ने कहा कि वह एक्सप्रेस-वे की लागत की तुलना में पहले से जारी की गई किसी भी राशि का भुगतान करने में असमर्थ है. साथ ही कहा कि हमने माननीय न्यायालय से वैकल्पिक व्यवस्था की ओर ध्यान देने की मांग की है. हमने कहा है कि दिल्ली देश की राजधानी है. इसलिए उसके हिस्से में आने वाली राशि का भुगतान या तो केंद्र सरकार करे या यूपी और हरियाणा की सरकार करें.

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दिल्ली सरकार ने कहा कि देश की राजधानी में प्रदूषण के स्तर में कमी नहीं आई है. दिल्ली लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर और वाहनों की भीड़ झेल रही है. हरियाणा और उत्तर प्रदेश की ओर से की जाने वाली गलतियों, लापरवाहियों, देरी और कमियों की वजह से होने वाले नुकसान का भुगतान भी इन्हीं दोनों राज्यों को करना चाहिए. दिल्ली सरकार ने शीर्ष अदालत से एक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली को अधिक भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है.
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ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों से होकर गुजरेगा. एक्सप्रेस-वे का उद्देश्य दिल्ली से गुजरने वाले भारी वाहनों को रोकना है. फरवरी 2005 में जब इस एक्सप्रेस-वे को शुरू करने की बात हुई थी, उस वक्त भूमि अधिग्रहण की लागत 844 करोड़ रुपये थी, जो तीन महीने बाद 1,307 करोड़ रुपये हो गई. साल 2017 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली की हिस्सेदारी 3,847 करोड़ रुपये है, जबकि भूमि की कुल लागत 7,694 करोड़ रुपये हो गई थी. दिल्ली सरकार ने अब सुप्रीम कोर्ट को बता दिया है कि वह इसका भुगतान नहीं कर सकती है.

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First published: October 31, 2019, 12:57 PM IST
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