कोविशील्ड की नई कीमतों पर हुआ विवाद, आवंटन को लेकर राज्य चिंतित- रिपोर्ट्स

कोरोना-रोधी वैक्सीन कोविशील्ड. (फाइल फोटो)

कोरोना-रोधी वैक्सीन कोविशील्ड. (फाइल फोटो)

Covishield Prices: सीरम ने कोविशील्ड के लिए दो कीमतें तय की हैं. राज्यों को वैक्सीन 400 रुपये प्रति डोज (Vaccine Dose) की दर से मिलेगी. जबकि, निजी अस्पतालों को वैक्सीन के एक डोज के लिए 600 रुपये देने होंगे. वहीं, केंद्र के लिए एक डोज की कीमत 150 रुपये होगी.

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  • Last Updated: April 22, 2021, 6:46 AM IST
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नई दिल्ली. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) ने बीते बुधवार को वैक्सीन कीमतों का ऐलान कर दिया है. कंपनी की तरफ से तय कीमतों को लेकर नया विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की तरफ से जारी की गई कीमतें वैक्सीन की इक्विटी और राज्यों और अस्पतालों के बीच निष्पक्ष वितरण पर सवाल उठा रही हैं. इसके अलावा कंपनी की तरफ से तैयार की गई वैक्सीन का 50 फीसदी हिस्सा केंद्र के पास जाएगा. वहीं, 50 प्रतिशत राज्यों और निजी अस्पातालों को वितरित होगा.

सीरम ने कोविशील्ड के लिए दो कीमतें तय की हैं. राज्यों को वैक्सीन 400 रुपये प्रति डोज की दर से मिलेगी. जबकि, निजी अस्पतालों को वैक्सीन के एक डोज के लिए 600 रुपये देने होंगे. वहीं, केंद्र के लिए एक डोज की कीमत 150 रुपये होगी. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, मामले के जानकार बताते हैं कि इस बात की संभावना कम ही है कि केंद्र सरकार की जानकारी के बगैर ये कीमतें सामने आईं.

कंपनी से जुड़े एक नीति निर्माता ने अखबार को बताया 'यह (राज्यों और केंद्र के लिए अलग-अलग कीमतें रखना) बेवकूफी भरा है और इसे समझाया नहीं जा सकता. मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या चल रहा है.' उन्होंने गोपनीयता की शर्त पर अखबार को बताया कि इस मामले में उनसे चर्चा ही नहीं की गई. एक अन्य नीति निर्माता बताते हैं कि उन्हें भी चर्चा में शामिल नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि खुले बाजार में आने का फायदा यह होगा कि वहां से होने वाले मुनाफा निजी सेक्टर को उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा.

यह भी पढ़ें: SII ने जारी की कोविशील्ड की नई कीमत; राज्यों को 400 रुपये, निजी अस्पतालों को 600 रुपये में देगी वैक्सीन
बुधवाक को सीरम ने कहा कि अगले दो महीनों के लिए वैक्सीन उत्पादन बढ़ाकर सीमित क्षमता पर काम करेंगे. इसके आगे हमारी क्षमता की 50 प्रतिशत वैक्सीन भारत सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम में जाएंगी. वहीं, बची हुई 50 प्रतिशत राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों को मिलेंगी. रिपोर्ट के अनुसार, घोषणा के बाद दो मुद्दे हैं, जिनकी वजह से राज्य चिंतित हैं.

पहला कि क्या निजी कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट है, जो राज्यों के बीच वैक्सीन डोज के वितरण को तय करेगा? अगर कंपनी यह तय करेगी, तो इसका आधार क्या होगा. क्या यह पहले आओ पहले पाओ की नीति पर काम करेगी या आबादी, गंभीरता या मांग पर निर्भर करेगी. दूसरा, राज्यों और निजी अस्पतालों के बीच वैक्सीन डोज किस मानदंड पर बांटे जाएंगे. सीरम मेट्रोपोलियन अस्पतालों और छोटे नर्सिंग होम के बीच फर्क कैसे करेगी.





रिपोर्ट के अनुसार, चर्चा में शामिल एक सचिव स्तर के अधिकारी ने बताया कि 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए जारी टीकाकरण कार्यक्रम का खर्च पूरी तरह केंद्र उठाएगा. उन्होंने कहा वितरण आदि को लेकर फैसला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को लेना है.
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