कौन हैं महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा, जिनको लेकर मचा घमासान?

राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा कथित तौर पर लव जेहाद के मामले में घिर गई हैं (file photo)
राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा कथित तौर पर लव जेहाद के मामले में घिर गई हैं (file photo)

राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women) की लीडर रेखा शर्मा केरल के चर्चों में यौन शोषण (sexual assault and abuse in Kerala Church) का भी मुद्दा उठा चुकी हैं. उन्होंने कहा था कि चर्चों में कन्फेशन की प्रथा बंद होनी चाहिए. ये महिलाओं के लिए खतरनाक है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2020, 7:29 PM IST
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राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा कथित तौर पर लव जेहाद के मामले में घिर गई हैं. दरअसल मसला महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से उनकी मुलाकात और उसके बाद के ट्वीट के उपजा. ट्वीट में कई दूसरे मामलों के साथ लव जेहाद के बढ़े मामलों पर चर्चा की बात भी थी. इसी के बाद बवाल शुरू हुआ. यहां तक कि सोशल मीडिया पर अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग तक उठ रही है.

राजनीति में रखा कदम 
साल 1964 में जन्मी रेखा शर्मा ने उत्तराखंड से पॉलिटिकल साइंस की डिग्री लेने के बाद मार्केटिंग और एडवरटाइजिंग में डिप्लोमा किया. हालांकि इसके बाद उनका करियर सीधे राजनीति को ओर बढ़ निकला. हरियाणा में वे भाजपा की जिला सेक्रेटरी थीं. साथ ही साथ मीडिया विभाग भी संभाला करती थीं. इसमें उनकी एडवरटाइजिंग की पढ़ाई काफी काम आई.

महिला सुरक्षा और खासकर रेप के मुद्दों को खुलकर उठाने वाली रेखा बीच-बीच में विवादों में भी आती रही हैं (Photo-ncw website)

साल 2018 में संभाला अध्यक्ष पद


यहां से रेखा शर्मा ने साल 2015 में राष्ट्रीय महिला आयोग में एंट्री ली. यहीं पर साल 2018 में उन्हें आयोग की अध्यक्ष का पद मिला. तब से ही वो मीडिया में चर्चा में रहीं. आमतौर पर महिला सुरक्षा और खासकर रेप के मुद्दों को खुलकर उठाने वाली रेखा बीच-बीच में विवादों में भी आती रही हैं. जैसे उन्होंने एक बार कह दिया था कि चर्च में कनफेशन यानी अपने अपराध या गलतियां स्वीकार करने की जो प्रथा है, वो बंद होनी चाहिए.



आयोग अध्यक्ष का मानना है कि कनफेशन के बाद महिलाओं को चर्च के लोग ही ब्लैकमेल कर उनका यौन शोषण कर सकते हैं. साथ ही साथ शर्मा ने कहा कि केरल के चर्चों में बढ़ते दुष्कर्म के मामलों की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से करवानी चाहिए.

जेल में महिला कैदियों के लिए की बात
महिलाओं के साथ मानसिक और शारीरिक शोषण को करीब से समझने और उन्हें न्याय दिलवाने के लिए रेखा शर्मा ने आयोग के अध्यक्ष बतौर मानसिक चिकित्सा केंद्रों, जेलों और कस्टोडियल होम्स का अक्सर दौरा दिया. जेल में महिला कैदियों के हालात का वे कई बार जिक्र कर चुकी हैं और लगातार हालातों में सुधार की मांग करती रही हैं.

आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा ने अपने कार्यकाल में कई अधिकार हासिल किए (Photo-twitter)


बढ़ा अधिकारों का दायरा
आयोग अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल में कई अधिकार हासिल किए. मिसाल के तौर पर किसी खास मामले से संबंधित पुलिस अधिकारी अगर एनसीडब्ल्यू की जांच में शामिल नहीं होता है तो आयोग अध्यक्ष उसपर जुर्माना लगा सकती हैं. बता दें कि पहले किसी सजा या जुर्माना लगा सकने की ताकत आयोग के पास नहीं थी. आयोग को केवल सिफारिश करने तक सीमित रखा गया था.

रेखा शर्मा के निजी पारिवारिक जीवन के बारे में ज्यादा जिक्र नहीं मिलता है. सिवाय इसके कि वे एक सेना अधिकारी की पत्नी हैं. इसी नाते उन्होंने सैनिकों और सेना आधिकारियों की पत्नियों-बच्चों के लिए भी कई बार बात की है.



क्या है ताजा मामला 
आयोग अध्यक्ष के ट्विटर हैंडल पर उन विषयों का जिक्र है, जिनकी चर्चा उनके और राज्यपाल के बीच हुई. इसमें महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों के साथ ही लव जेहाद की भी बात हुई. कम से कम रेखा शर्मा के ट्वीट से तो यही समझ आता है. इधर ट्वीट के साथ ही सोशल मीडिया पर अध्यक्ष को महिला विरोधी बताया जाने लगा. ट्रोल्स का कहना है कि महिला आयोग अध्यक्ष खुद ही महिलाओं की पसंद को मान्यता देने को तैयार नहीं. और ऐसी अध्यक्ष को पद से हटाया जाना चाहिए.

आखिर क्या है लव जेहाद
बता दें कि जिस लव जेहाद पर आए-दिन तलवारें निकलती रहती हैं, वो शब्द असल में कोई शब्द या कोई टर्म नहीं. ये शब्द पहली बार 2009 में केरल और कर्नाटक में शादी और धर्म में बदलाव के एक समान मामलों के सामने आने के बाद चलन में आया. बात ये है कि अगर हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़का शादी करें तो शादी तब तक मान्य नहीं होती, जब तक कि लड़की धर्म बदलकर मुस्लिम न हो जाए. ऐसे ही मामलों को लव जेहाद के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि मुस्लिम संगठन ऐसे किसी भी आरोप या मंशा से भी इनकार करते रहे हैं.
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