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पुलिस पदक से ‘शेर-ए-कश्मीर’ शब्द हटाने को NC ने बताया 'इतिहास से खिलवाड़' और 'बदले की कार्रवाई'

भाषा
Updated: January 27, 2020, 10:38 PM IST
पुलिस पदक से ‘शेर-ए-कश्मीर’ शब्द हटाने को NC ने बताया 'इतिहास से खिलवाड़' और 'बदले की कार्रवाई'
नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख अब्दुल्ला थे

नेशनल कांफ्रेंस पार्टी के संस्थापक (Founder) शेख अब्दुल्ला (Sheikh Abdullah) को ‘शेर-ए-कश्मीर’ (Sher-e-Kashmir) कहा जाता है.

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श्रीनगर. नेशनल कांफ्रेंस (National Conference) ने जम्मू-कश्मीर पुलिस पदकों (Jammu and Kashmir Police Medals) की शब्दावली से ‘शेर-ए-कश्मीर’ (Sher-e-Kashmir) शब्द हटाए जाने का सोमवार को कड़ा विरोध किया.

बता दें कि पार्टी संस्थापक (Party Founder) शेख अब्दुल्ला (Sheikh Abdullah) को ‘शेर-ए-कश्मीर’ (Sher-e-Kashmir) कहा जाता है.

इस कदम से इतिहास से खिलवाड़ कर रहा प्रशासन
पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रशासन (Administration) अपनी ‘‘बदले की कार्रवाई को अगले चरण’’ पर लेकर जा रहा है और अपने इस कदम से इतिहास (History) से खिलवाड़ कर रहा है.

पार्टी के जिला अध्यक्ष पीर अफाक अहमद ने एक बयान में कहा, ‘‘यह जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की राजनीतिक विशिष्टता के हर प्रतीक को अलग करने के लिए सोच समझकर किया गया प्रयास है.’’

शेख अब्दुल्ला से जुड़ी हर चीज को निशाना बनाने से बाज नहीं आ रही केंद्र सरकार
पार्टी के जिला अध्यक्ष पीर अफाक अहमद ने कहा कि भारतीय संविधान से जुड़े आदर्शों और संघवाद (Federalism) की उसकी भावना के खिलाफ पूर्वाग्रह रखने वाली केंद्र सरकार ‘‘शेख मोहम्मद अब्दुल्ला (Sheikh Mohammad Abdullah) के साथ जुड़ी हर चीज को निशाना बनाने से बाज नहीं आ’’ रही.उन्होंने कहा कि इस कदम को ‘‘जम्मू-कश्मीर के इतिहास (History) से छेड़छाड़ करने से लिए’’ की गई एक और स्पष्ट कोशिश के तौर पर देखा जाना चाहिए.

शेर-ए-कश्मीर पुलिस पदक अब होगा शौर्यता के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस पदक
अहमद ने कहा, ‘‘उनका (अब्दुल्ला का) व्यक्तित्व तुच्छ सम्मान एवं पुरस्कारों से ऊपर है. उन्होंने एक जागरुक नेता के तौर पर अपने देशवासियों को कायरता एवं पूर्वाग्रहों (Cowardice and Prejudices) से पार पाना सिखाया.’’

जम्मू-कश्मीर गृह विभाग (Jammu and Kashmir Home Department) के प्रधान सचिव शालीन काबरा ने शनिवार को कहा था कि ‘शौर्यता के लिए शेर-ए-कश्मीर पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए शेर-ए-कश्मीर पुलिस पदक’ को अब से ‘शौर्यता के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए जम्मू-कश्मीर पदक’ पढ़ा जाएगा.

गिरफ्तार DSP से वापस लिया गया था शेर-ए-कश्मीर पदक
गिरफ्तार पुलिस उपाधीक्षक दविन्दर सिंह (Davinder Singh) से जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आतंकवादियों (Terrorists) को जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से बाहर निकलने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद बहादुरी के लिए दिया गया शेर-ए-कश्मीर पुलिस पदक (Sher-e-Kashmir Police Medal) वापस ले लिया था.

सरकारी आदेश (Government Order) में कहा गया था, निलंबित अधिकारी का कदम विश्वासघात (Disloyalty) के बराबर है और उससे बल की छवि खराब हुई है. आदेश के अनुसार, सिंह को 2018 मे पुलिस पदक (Police Medal) दिया गया था.

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First published: January 27, 2020, 10:36 PM IST
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