सांसदों को कमरे में नहीं मिलेगा खाना, भूख लगने पर जाना होगा कैंटीन

एनेक्सी की ओर से जारी किए गए निर्देशों का पालन ठीक तरह से हो इसके लिए वेस्टर्न कोर्ट में एक अधिकारी भी तैनात किया गया है. ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सांसदों का नाश्ता लंच और डिनर कैंटीन में ही हो और वह रूम सर्विस न लें.

News18Hindi
Updated: July 19, 2019, 9:40 PM IST
सांसदों को कमरे में नहीं मिलेगा खाना, भूख लगने पर जाना होगा कैंटीन
एनेक्सी की ओर से जारी किए गए निर्देशों का पालन ठीक तरह से हो इसके लिए वेस्टर्न कोर्ट में एक अधिकारी भी तैनात किया गया है. ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सांसदों का नाश्ता लंच और डिनर कैंटीन में ही हो और वह रूम सर्विस न लें.
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Updated: July 19, 2019, 9:40 PM IST
एनेक्सी प्रबंधन ने सरकारी आवास मिलने तक वेस्टर्न कोर्ट के नए बने हॉस्टल में ठहराए गए सांसदों के लिए निर्देश जारी किए हैं. इसके अनुसार अब न तो सांसद अपने कमरे में खाना बनवा सकते हैं और न ही कैंटीन से खाने पीने के लिए कुछ मंगवा सकते हैं. निर्देशों के मुताबिक भूख लगने पर उन्हें आम लोगों की तरह वेस्टर्न कोर्ट एनेक्सी की कैंटीन में आकर ही खाना-पीना होगा. सिर्फ बीमार होने या फिर किसी खास वजह से ही खाना कमरे में मंगवाया जा सकेगा.

इसके लिए एनेक्सी प्रबंधन की तरफ से कैंटीन संचालक को निर्देश भी दिए गए हैं. संचालकों को खासतौर पर समझाया गया है कि सांसदों के रौब के कारण उनके कमरे में खाने-पीने का सामान न पहुंचाया जाए. इतना ही नहीं निर्देशों का पालन सही तरीके से हो इसके लिए वेस्टर्न कोर्ट की नई बिल्डिंग में एक नोटिस भी चिपकाया गया है. कोर्ट के रिसेप्शन पर जो नोटिस लगाया गया है उसमें वेस्टर्न कोर्ट के हॉस्टल पर वहां ठहरने के चार्जेज़ के अलावा ये भी लिखा गया है कि कमरों के अंदर खाना बनाना प्रतिबंधित है.

पिछले साल हुआ था उद्घाटन
बता दें पिछले साल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हॉस्टल का उद्घाटन किया था. इसी हॉस्टल में इस लोकसभा चुनाव में संसद पहुंचे सांसदों के रहने की अस्थाई व्यवस्था की गई है. जब तक सरकारी आवास नहीं मिल जाता तब तक माननीयों का यही ठिकाना होगा.



कमरे में खाना भी नहीं बना सकते माननीय
एनेक्सी की ओर से जारी किए गए निर्देशों का पालन ठीक तरह से हो इसके लिए वेस्टर्न कोर्ट में एक अधिकारी भी तैनात किया गया है. ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सांसदों का नाश्ता लंच और डिनर कैंटीन में ही हो और वह रूम सर्विस न लें. साथ ही कमरे में खाना बनाने को लेकर भी प्रतिबंध है.
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बता दें 2014 लोकसभा चुनावों के बाद करीब 300 नए सांसद चुने गए थे. पुराने ज्यादातर सांसदों के घर न खाली करने की वजह से नए सांसदों के लिए रहने की कोई जगह निश्चित नहीं हो पाई थी. इसी के चलते सांसदों को दिल्ली के होटलों में ठहराना पड़ा था जो कि काफी मंहगी डील साबित हुई.

पीएम मोदी ने की संसदों के अस्थाई निवास की पहल
इस पर सरकार के करीब 30 करोड़ के ज्यादा रुपये खर्च हुए थे. इसी बेवजह के खर्च से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में ऐसे सांसदों के अस्थाई निवास के लिए वेस्टर्न कोर्ट के पिछले हिस्से में करीब 88 ब्लॉक बनवाए थे. जिसका उद्घाटन पिछले साल अप्रैल में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.

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First published: July 19, 2019, 9:40 PM IST
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