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COP26: ग्रीनपीस की मांग, जलवायु संकट और कोविड-19 से निपटने के लिए तेज कार्रवाई हो

COP26: ग्रीनपीस की मांग, जलवायु संकट और कोविड-19 से निपटने के लिए तेज कार्रवाई हो

भारी बारिश के बाद जान जोखिम में डाल सड़क पर पानी की लहरों से गुजरते लोग. (सांकेतिक तस्वीर)

भारी बारिश के बाद जान जोखिम में डाल सड़क पर पानी की लहरों से गुजरते लोग. (सांकेतिक तस्वीर)

COP26 Greenpeace Climate Emergency Coronavirus: ग्रीनपीस इंटरनेशनल की कार्यकारी निदेशक जेनिफर मॉर्गन ने कहा कि जी-20 सम्मेलन "कमजोर और महत्वकांक्षा व दृष्टिकोण" की कमी वाला था. संयुक्त राष्ट्र का जलवायु परिवर्तन पर मसौदा समझौता का 26वां जलवायु सम्मेलन सीओपी26 रविवार को ब्रिटेन के ग्लासगो में शुरू हुआ और यह 12 नवंबर तक चलेगा. इसमें 180 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. मॉर्गन ने कहा कि दुनिया भर के कार्यकर्ता ग्लासगो में हैं और जलवायु संकट और कोविड-19 से सभी को बचाने की अबतक लापता कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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    नई दिल्ली. ग्रीनपीस इंटरनेशनल ने रविवार को जलवायु आपात स्थिति और कोविड-19 से निपटने के लिए तेज और अधिक महत्वकांक्षी कार्ययोजना की मांग की. संगठन ने इसके साथ ही कहा कि नवीनतम जी-20 सम्मेलन वैश्विक संकट से निपटने में असफल रहा है. ग्रीनपीस इंटरनेशनल की कार्यकारी निदेशक जेनिफर मॉर्गन ने कहा कि जी-20 सम्मेलन ‘‘कमजोर और महत्वकांक्षा व दृष्टिकोण’ की कमी वाला था.’’

    उन्होंने कहा, ‘‘अगर जी-20 सम्मेलन सीओपी-26 सम्मेलन का पूर्वाभ्यास था तो विश्व नेताओं ने अपने रुख पर सतही काम किया है. उनका समागम कमजोर था और उनमें महत्वाकांक्षा एवं दृष्टिकोण दोनों की कमी थी और महज असफल क्षण था.’’ मॉर्गन ने कहा, ‘‘अब वे ग्लासगो जा रहे हैं और अब भी उनके पास ऐतिहासिक अवसर है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया और सऊदी अरब जैसे देशों को हाशिये पर ढकेलने, जबकि अमीर देशों को अंतत: समझने की जरूरत है कि सीओपी-26 की सफलता की कुंजी विश्वास है.’’

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    सीओपी26 में 180 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे
    गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र का जलवायु परिवर्तन पर मसौदा समझौता का 26वां जलवायु सम्मेलन सीओपी26 रविवार को ब्रिटेन के ग्लासगो में शुरू हुआ और यह 12 नवंबर तक चलेगा. इसमें 180 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. मॉर्गन ने कहा कि दुनिया भर के कार्यकर्ता ग्लासगो में हैं और जलवायु संकट और कोविड-19 से सभी को बचाने की अबतक लापता कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

    उन्होंने कहा, ‘‘सरकारों को हमारे ग्रह की ओर से दी जा रही चेतावनी पर कार्रवाई करनी चाहिए और तत्काल ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में कटौती करनी चाहिए ताकि तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस पर सीमित रखा जा सके और इसके लिए नए जीवाश्म ईंधन के विकास और चरणबद्ध तरीके से उसके इस्तेमाल को रोकने की जरूरत है.’’

    Tags: Climate Change, Coronavirus

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