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मंबई में पहली बार 3000 के पार नए कोरोना केस, धारावी में 62% तक बढ़े मामले, CM उद्धव बोले- लॉकडाउन ही विकल्‍प

महाराष्‍ट्र में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.  (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

महाराष्‍ट्र में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

महाराष्ट्र (Maharashtra) में लगातार दूसरे दिन 25,000 से अधिक कोरोना केस (Corona) सामने आए हैं. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि कोरोना को रोकने के लिए लॉकडाउन ही एक विकल्‍प है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 3:40 PM IST
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मुंबई. कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण पूरे देश में तेजी से फैल रहा है. कोरोना से सबसे ज्यादा कोई राज्य प्रभावित हुआ है तो वह महाराष्ट्र है. मुं​बई (Mumbai) में जहां पहली बार एक दिन में कोरोना संक्रमण के तीन हजार से ज्यादा नए केस मिले हैं. वहीं एशिया की सबसे बड़ी स्लम बस्ती धारावी (Dharavi) में कोरोना संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. धारावी में मार्च के महीने में अब तक  कोरोनावायरस के 272 मामले सामने आ चुके हैं, जो कि फरवरी में 168 मामले की तुलना में 62 प्रतिशत अधिक हैं. वहीं महाराष्‍ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि कोरोना को रोकने के लिए लॉकडाउन ही एक विकल्‍प है.

2.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली इस झुग्गी झोपड़ी में कोरोना के बढ़ते मामले किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस साल वो ज्‍यादा अच्‍छे तरीके से इसका मुकाबला करने को तैयार हैं. अधिकारियों ने बताया कि धारावी में फरवरी से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं. पिछले 24 घंटे में यहां पर कोरोना 272 नए मामले सामने आए हैं. अधिकारियों ने बताया कि धारावी की झुग्गियों में जो कोरोना केस मिल रहे हैं वह इसलिए परेशान करने वाले हैं क्‍योंकि इनमें से ज्‍यादातर अलग अलग इलाके में आए हैं. इस बार कोरोना के मामले एक जगह पर केंद्रित नहीं हैं. बता दें कि धारावी में अब तक कुल 4,133 कोरोना केस आए हैं जिसमें से 3,745 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 316 लोगों की मौत हो चुकी है.

धारावी में इस समय 6.5 लाख लोग रहते हैं. यहां पर सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन कराना बेहद मुश्किल काम है. यहां पर 10×10 के कमरों में आठ से 10 लोग रहते हैं. यहां पर सकरी गलियां है और लोगों को इन्‍हीं भीड़भाड़ वाली गलियों से गुजरना होता है. इस स्लम बस्‍ती में चमड़े, मिट्टी के बर्तन और कपड़ा बनाने का काम किया जाता है. धारावी में कोविड-19 का पहला मरीज पिछले साल एक अप्रैल को आया था. इसके बाद धारावी में महामारी के मामले बढ़ते रहे और इसे कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका यानी हॉटस्पॉट घोषित किया गया था.
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धारावी में कोरोना वायरस के मामले नवंबर से कम होने शुरू हुए थे
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों के अनुसार धारावी में कोरोना वायरस के मामले नवंबर से कम होने शुरू हुए थे और यहां तक कि जनवरी तथा फरवरी में कुछ दिनों तक कोई मामला सामने नहीं आया था. बीएमसी के जी-नॉर्थ के सहायक निगम आयुक्त किरण दिघवकर ने कहा कि जांच बढ़ने के कारण धारावी में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन पिछले साल के मुकाबले हालात बिल्कुल अलग हैं और पूरी तरह से नियंत्रण में हैं. (भाषा इनपुट के साथ)
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