Corona: मास्क और ग्लव्स को कूड़े में कैसे फेंके, गाइडलाइन जानना है बेहद जरूरी

Corona: मास्क और ग्लव्स को कूड़े में कैसे फेंके, गाइडलाइन जानना है बेहद जरूरी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मास्क को लेकर जारी की गाइडलाइन.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) की गाइडलाइन के मुताबिक सामान्य लोगों और कोरोना (Corona) मरीज के इस्तेमाल में लाए जाने वाले मास्क और ग्लव्स में फर्क है. इसे जानना है जरूरी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 7, 2020, 1:35 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. कोरोना (Corona) से बचना है तो मास्क (Mask) लगाना बेहद जरूरी है. मास्क को लेकर केंद्र सरकार ने भी लोगों से कई बार अपील की है, जिसका असर भी देखने को मिला है. लोग मास्क और ग्लव्स का उपयोग कर रहे हैं. लेकिन मास्क का उपयोग करने के बाद उन्हें कैसे फेंकना है इसके बारे में अभी उन्हें जानकारी नहीं है, जिसके कारण लोगों में इसका गलत परिणाम देखने को मिल रहा है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के मुताबिक सामान्य व्यक्ति जिसमें कोरोना का बिल्कुल भी संक्रमण नहीं है अगर वह मास्क या ग्लव्स को फेंकता है तो उसे उपयोग में लाया गया मास्क या ग्लव्स 72 घंटे यानी तीन दिन तक पैपर बैग में रखना चाहिए. इसके बाद इसे काटकर कचरा लेने आने वाली गाड़ी में सूखे कचरे के साथ देना चाहिए. ऐसे में यह मास्क और ग्लव्स न तो कोविड वेस्ट माना जाएगा और न बायो मेडिकल वेस्ट.

अगर आप कोरोना वायरस से संक्रमित हैं तो उपयोग में लाया जाने वाला मास्क और ग्लव्स कोविड वेस्ट कहा जाएगा. ऐसे मास्क और ग्लव्स को फेंकने के लिए अलग ढक्कनदार बॉक्स का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. इस तरह के मरीज के मास्क और ग्लव्स को ले जाने के लिए कोविड वेस्ट या तो बायो मेडिकल वेस्ट की गाड़ी आएगी या फिर नगर निगम के काले बॉक्स में इसे डाला जाएगा.



केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी गाइड लाइन में ये भी साफ कर दिया है कि कोरोना महामारी में उपयोग में लाई जाने वाली हर वस्तु कोविड वेस्ट नहीं है. मास्क, ग्लव्स, फेंकी दवाइयां, सिरींज यूरिन बैग, ड्रैन बैग, बॉडी फ्लयूड, ब्लड सोक्ड टिश्यूज, या कॉटन को कोविड वेस्ट माना जाएगा. जबकि मेडिसिन के बॉक्स, रैपर, फलों के छिलके, जूस बॉटल आदि को कोविड वेस्ट में नहीं रखा जाएगा.
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21 दिन में आए 10 लाख केस बढ़ें
गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है. संक्रमितों का आंकड़ा 20 लाख को पार कर गया है. गुरुवार को रिकॉर्ड 62 हजार 538 मरीज बढ़े जबकि 886 लोगों की मौत हो गई. देश में कोरोना के अब तक 20 लाख 27 हजार 74 कंफर्म केस हो चुके हैं. सिर्फ 21 दिन में आए 10 लाख केस बढ़े हैं. देश में कोरोना से ठीक होने वालों का रिकवरी रेट 67.61% है.
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