केंद्र की मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 2 साल हुए पूरे, कोरोना के कारण नहीं होगी धूमधाम

 सार्वजनिक रूप से लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर भाजपा ने अपनी गतिविधियों को सामाजिक कल्याण के कार्यों तक सीमित रखने का फैसला किया है. (फाइल फोटो)

सार्वजनिक रूप से लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर भाजपा ने अपनी गतिविधियों को सामाजिक कल्याण के कार्यों तक सीमित रखने का फैसला किया है. (फाइल फोटो)

पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को देशभर के कम से कम एक लाख गांव तक पहुंचने को कहा है. पिछले साल भी भाजपा के नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने ऑनलाइन रैलियां की थीं और जनता को सरकार की उपलब्धियों के बारे में अवगत कराया था.

  • Share this:

नई दिल्ली. केंद्र की भाजपा नीत नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की दूसरी वर्षगांठ भी रविवार को कोविड महामारी की छाया में मनाई जाएगी. पिछले कुछ महीनों में देश में कोविड-19 के कारण हालात काफी परेशानी भरे रहे. सार्वजनिक रूप से लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर भाजपा ने अपनी गतिविधियों को सामाजिक कल्याण के कार्यों तक सीमित रखने का फैसला किया है.

साथ ही पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को देशभर के कम से कम एक लाख गांव तक पहुंचने को कहा है. पिछले साल भी भाजपा के नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने ऑनलाइन रैलियां की थीं और जनता को सरकार की उपलब्धियों के बारे में अवगत कराया था.

अनाथ हुए बच्चों की निगरानी करेगी केंद्र सरकार

महामारी से निपटने को लेकर विपक्षी दलों के हमलों का सामना कर रही मोदी सरकार ने शनिवार को कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चों की निगरानी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं समेत अन्य उपायों को लेकर कदमों की घोषणा की, जिसका उद्देश्य महामारी के कारण उपजीं चिकित्सीय एवं आर्थिक चुनौतियों से निपटने का खाका पेश करना था.
राजनीतिक मामलों पर नजर रखने वाले लोगों का मानना है कि सरकार के महामारी से निपटने और जारी टीकाकरण अभियान को लेकर उठाए गए कदमों पर जनता का अधिक ध्यान रहेगा, कम से कम निकट भविष्य में जनता के दिमाग पर इसका प्रभाव रहेगा.

ये भी पढ़ेंः- बड़ी खबर: दिल्ली में अब 7 जून सुबह 5 बजे तक रहेगा कोरोना कर्फ्यू, जानें कहां मिलेगी छूट




अगले साल इन राज्यों में होने वाले हैं चुनाव

भाजपा का अपने नेताओं को संकट के इस समय में जनता के बीच पहुंचने का निर्देश देना यही दर्शाता है. अगले साल जनवरी से मार्च के बीच उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज