COVID-19 3rd Wave: कोरोना की तीसरी लहर बच्‍चों के लिए होगी जानलेवा! विशेषज्ञों ने जताई खतरनाक आशंका

कोरोना की तीसरी लहर बच्‍चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है. (File pic)

कोरोना की तीसरी लहर बच्‍चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है. (File pic)

देश में कोरोना (Coronavirus) की पहली लहर बुजुर्गों के लिए खतरा बनी थी, जबकि दूसरी लहर (COVID-19 Second Wave) युवा आबादी के लिए खतरनाक साबित हुई. विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना की तीसरी लहर (Third Wave) बच्‍चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है.

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नई दिल्‍ली. देश में कोरोना (Coronavirus Pandemic) महामारी की दूसरी लहर (Second Wave) बेकाबू होती जा रही है. हर दिन कोरोना संक्रमित मरीजों (Corona Infected Patients) की संख्‍या बढ़ रही है. एक ओर जहां देश कोरोना की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है, वहीं विशेषज्ञों ने अभी से तीसरी लहर (COVID-19 Third Wave) की आशंका जता दी है. विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर बच्‍चों के लिए जानलेवा (Fatal) साबित हो सकती है. विशेषज्ञों के मुताबिक देश में कोरोना की पहली लहर बुजुर्गों के लिए खतरा बनी थी जबकि दूसरी लहर युवा आबादी के लिए खतरनाक साबित हुई थी. विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना की तीसरी लहर बच्‍चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है. विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर सितंबर तक आ सकती है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बाल चिकित्सा और संक्रामक रोगों के विशेषज्ञों का कहना है कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम को शुरू कर देना चाहिए. अगर सरकार ने इस संबंध में जल्‍दी कोई कदम नहीं उठाए तो कोरोना की तीसरी लहर बच्‍चों के लिए घातक साबित हो सकती है. संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन शिंदे ने कहा, ऐसे समय में जब कोरोना की तीसरी लहर के बारे में आशंका जताई गई है, ऐसे समय में टीका न लगवाने वाले बच्‍चों में खतरा बढ़ जाएगा. बता दें कि कोरोना वैक्‍सीन को इस समय कोरोना से बचने का सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है.


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विशेषज्ञों ने कहा कि कोरोना का नया संक्रमण भले ही बच्‍चों में किसी भी तरह की गंभीर समस्‍या पैदा नहीं कर रहा हो, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में बच्‍चे बीमार जरूर हो रहे हैं. पहली लहर की अपेक्षा दूसरी लहर में मुंबई पुणे जैसे शहरों में बच्चें ज्यादा संक्रमित हुए हैं. ऐसे में अगर तीसरी लहर आई तो सबसे ज्‍यादा खतरा इन्‍हीं बच्‍चों को होगा. ऐसे में हमें बच्‍चों के लिए अब टीके की आवश्‍यकता होगी.

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भारत में 7 मई तक पीक पर हो सकता है कोरोना

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सरकार के मैथमेटिकल मॉडलिंग एक्सपर्ट प्रोफेसर एम. विद्यासागर का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर 7 मई को अपने पीक पर हो सकती है. उन्‍होंने कहा है कि देश के हेल्‍थ सेक्‍टर को इसके लिए पूरी तरह से तैयार रहने की जरूरत है. प्रो. विद्यासागर ने कहा, इस सप्‍ताह कोरोना अपने पीक पर आ सकता है. इसके बाद कोरोना के मामलों में गिरावट दर्ज की जाएगी. प्रो. विद्यासागर ने कहा कि 7 मई को कोरोना अपने पीक पर होगा. हालांकि उन्‍होंने कहा कि हर राज्‍य में स्थिति थोड़ी बदली हुई दिखाई दे सकती है. हर राज्‍य में कोरोना के पीक पर पहुंचने का समय भी थोड़ा अलग हो सकता है लेकिन पूरे देश में जिस तरह से कोरोना के आंकड़े बढ़ रहे हैं उसे देखें तो कोराना की लहर या तो पीक पर है या इसके बेहद करीब है.

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