कोरोना की तीसरी लहर होगी और खतरनाक! दिल्‍ली में रोज़ाना आ सकते हैं 45 हजार से ज्‍यादा केस : रिपोर्ट

देश में कोरोना की तीसरी लहर और भी ज्‍यादा खतरनाक हो सकती है. . (File Photo)

दिल्‍ली सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर (Third Wave) के दौरान दिल्ली (Delhi) में एक दिन में 45,432 मामले सामने आ सकते है. अगर ऐसा हुआ तो मरीजों की जान बचाने के लिए 944 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्‍सीजन (Medical Oxygen) की जरूरत होगी.

  • Share this:
    नई दिल्‍ली. देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर (Covid Second Wave) के कमजोर पड़ने और अनलॉक की प्रक्रिया के बीच अब तीसरी लहर (Third Wave) की आहट ने हर किसी की बेचैनी बढ़ा दी है. यही कारण है कि दिल्‍ली सरकार ने कोविड -19 की तीसरी लहर में संभावित असर और राज्‍य में मौजूद स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं का पुनर्मल्‍यांकन किया है. अधिकारियों ने कोरोना (Corona) की तीसरी लहर के दौरान दिल्‍ली में हर दिन 37 से 45 हजार तक नए कोरोना केस आने की संभावना जताई है. कोरोना की तीसरी लहर के खतरे से जुड़ी एक रिपोर्ट शुक्रवार को दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्‍यपाल अनिल बैजल को सौंपी गई है.

    राज्य के स्वास्थ्य विभाग और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (दिल्ली) द्वारा तैयार किए गए अनुमानों में सबसे खराब स्थिति इस ओर इशारा करती है कि कोरोना की तीसरी लहर के दौरान दिल्ली में एक दिन में 45,432 मामले सामने आ सकते है. अगर ऐसा हुआ तो मरीजों की जान बचाने के लिए 944 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्‍सीजन की जरूरत होगी. वहीं दूसरी रिपोर्ट में हर दिन 36,914 मामले और 767एमटी मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता के बारे में जोर दिया गया है.

    बैठक में मौजूद वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने कहा कि अगली संभावित लहर के प्रभाव को रोकने के लिए कम से कम चार नए सरकारी अस्पतालों के निर्माण में तेजी लाने, मरीजों की देखभाल के लिए अधिक स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति करने और ऑक्सीजन की आपूर्ति और भंडारण के बुनियादी ढांचे का निर्माण करना बेहद जरूरी हो गया है. अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने बैठक के दौरान तीसरी लहर के दौरान संभावित कोरोना मरीजों के कम आंकड़ों से जुड़ी दो रिपोर्ट भी पेश की थी. इन रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि एक दिन में कोरोना मरीजों की संख्‍या क्रमशः 15,000 और 28,395 हो सकती है. हालांकि मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्‍यपाल अनिल बैजल ने इन दोनों रिपोर्ट को ही अलग रख दिया और प्रत्येक संबंधित विभाग को केवल दो सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया.

    इसे भी पढ़ें :- कितनी खतरनाक होगी कोरोना की तीसरी लहर? जानें क्या कहती हैं 3 महत्वपूर्ण स्टडी

    तीन माह में 36,900 बेड की व्यवस्था करेगी दिल्‍ली सरकार
    हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स के मुताबिक दिल्ली सरकार की योजना अगले तीन महीनों के दौरान कम से कम 36,900 बेड की व्यवस्था करने की है. इसके साथ ही मरीजों की देखभाल के लिए अधिक आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) बेड स्थापित करने पर भी ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है. यह सभी व्‍यवस्‍था कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) के अतिरिक्त की जाएगी, जहां हल्के लक्षणों वाले रोगियों का इलाज किया जा सकता है.

    इसे भी पढ़ें :- राहत की खबर! तीसरी लहर से बच्चे नहीं होंगे खास प्रभावित, AIIMS-WHO की स्टडी में खुलासा

    डॉक्‍टर और नर्सों का कॉन्‍ट्रैक्‍ट 6 माह के लिए बढ़ाया गया
    इसके अलावा, दिल्ली सरकार के साथ अनुबंध पर काम करने वाले सभी डॉक्टरों और नर्सों को अब छह महीने का विस्तार दिया गया है. इसके अलावा, केजरीवाल ने बुधवार को घोषणा की कि अगर कोविड -19 मामले फिर से बढ़ने लगते हैं, तो सरकार मरीजों की देखभाल में डॉक्टरों और नर्सों की सहायता के लिए वॉलेंटियर को लगाएगी. इसके लिए 5000 नर्सों को ट्रेनिंग दी जा रही है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.