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  • CORONA VACCINATION COWIN PORTAL WILL BE AVAILABLE IN HINDI OTHER 14 LANGUAGES FROM NEXT WEEK

अगले हफ्ते से हिंदी समेत 14 क्षेत्रीय भाषाओं में होगा उपलब्ध होगा CoWIN पोर्टल

अगले हफ्ते से हिंदी में भी उपलब्ध होगा कोविन पोर्टल.

देश में कोरोना वैक्सीनेशन ड्राइव दुनिया के सबसे बड़े मेडिकल अभियानों में से एक है. इसमें अहम भूमिका निभा रहा कोविन पोर्टल ( CoWIN Portal) अब नागरिकों के लिए आसान भाषाओं में भी उपलब्ध होगा. केंद्र सरकार की ओर से बताया गया है कि अगले हफ्ते तक पोर्टल का हिंदी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में संस्करण जारी हो जाएगा.

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    नई दिल्ली. कोरोना वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन और स्लॉट बुक करना अब और आसान हो जाएगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि कोविन पोर्टल ( CoWIN Portal)अगले हफ्ते तक हिंदी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध हो जाएगा. इसके लिए COVID-19 स्वरूपों की निगरानी के लिए 17 और प्रयोशालाओं को ऐप्लिकेशन से जोड़ा जाएगा. ये जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई है. मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की अध्यक्षता में सोमवार को कोविड-19 (COVID-19) पर हुई उच्च स्तरीय मंत्रिमंडल समूह (जीओएम) की 26वीं बैठक के दौरान इसकी घोषणा की गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने जीओएम को सूचित किया कि कोविन पोर्टल अगले सप्ताह तक हिंदी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा.

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने मंत्रिमंडल को बताया कि नमूनों की जांच को बढ़ाने के लिए आईएनएसएसीओजी नेटवर्क में 17 नयी प्रयोगशालाओं को जोड़ा जाएगा. द इंडियन सार्स-सीओवी2 कॉनसोर्टियम ऑन जीनोमिक्स (INSACOG) देशभर में फैली 10 राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं का समूह है, जिसकी स्थापना स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 25 दिसंबर.2020 को की गई थी. इस समिति का काम कोरोना वायरस की जीनोम श्रृंखला तैयार करना, जीनोम के स्वरूपों और महामारी के बीच संबंध तलाशना है.



    महामारी के दौरान भारत की स्थिति 

    केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में 26 दिन बाद पहली बार कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों की संख्या गिरकर तीन लाख से नीचे चली गई है. साथ ही, पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 1,01,461 की गिरावट दर्ज की गई है. उन्होंने देश की पहली कोविड-रोधी दवा 2-डीजी जारी करने के लिए रक्षा वैज्ञानिकों के प्रयासों और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की. स्वास्थ्य मंत्री ने सदस्यों को सूचित किया कि यह दवा देश में महामारी से निपटने में बेहद अहम साबित हो सकती है क्योंकि इस दवा के उपयोग से कोविड-19 मरीजों के लिए ऑक्सीजन सहायता की निर्भरता कम हो सकती है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महामारी से निपटने के लिए केंद्र, राज्यों की लगातार सहायता कर रहा है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 4.22 करोड़ से अधिक एन-95 मास्क, 1.76 करोड़ पीपीई किट, 52.64 लाख रेमडेसिविर टीके और 45,066 वेंटिलेटर वितरित किए जा चुके हैं.