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PM मोदी का निर्देश- वैक्सीन के लिए कतार में न लगें नेता, अपनी बारी का इंतजार करें; पढ़ें 10 खास बातें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड-19 की वर्तमान स्थिति तथा 16 जनवरी से देशभर में आरंभ हो रहे टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की (Photo- Twitter/ BJP4India)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड-19 की वर्तमान स्थिति तथा 16 जनवरी से देशभर में आरंभ हो रहे टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की (Photo- Twitter/ BJP4India)

Covid-19 Vaccination: देश में 16 जनवरी से शुरू होने जा रहे कोरोना वायरस के टीकाकरण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद किया. पीएम मोदी ने कहा कि दुनियाभर में अब तक केवल 2.5 करोड़ लोगों का टीकाकरण हुआ है, हम अगले कुछ महीने में 30 करोड़ नागरिकों को टीकाकरण का लक्ष्य हासिल कर लेंगे. पढ़ें पीएम के संबोधन की 10 बड़ी बातें...

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 12, 2021, 8:52 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सोमवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड-19 (Covid-19) की वर्तमान स्थिति तथा 16 जनवरी से देशभर में आरंभ हो रहे टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की. मोदी ने कहा कि देश में तैयार दोनों टीके किफायती हैं और देशवासियों को प्रभावी वैक्सीन देने के लिए वैज्ञानिक समुदाय ने सभी सावधानियां बरती हैं. उन्होंने कहा कि देश अब कोरोना के खिलाफ जंग के निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है.

हाल ही में भारत के औषधि नियामक से स्वदेश में विकसित टीके को देश में सीमित आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिलने के बाद यह प्रधानमंत्री का सभी मुख्यमंत्रियों के साथ पहला संवाद था. कोरोना संक्रमण काल के दौरान प्रधानमंत्री ने कई मौकों पर मुख्यमंत्रियों से वार्ता की थी. भारत में कोरोना के टीकाकरण को लेकर व्यापक अभियान की तैयारियां चल रही हैं. इस सिलसिले में शुक्रवार को देश भर में पूर्वाभ्यास भी किया गया था.

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ को देश में सीमित आपात इस्तेमाल के लिए रविवार को भारत के औषधि नियामक की ओर से मंजूरी दी गई थी.




पढ़ें पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें...

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश सबसे पहले उन लोगों तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाने की है जो दिनरात देशवासियों की स्वास्थ्य रक्षा में जुटे हुए हैं यानी हमारे हेल्थ वर्कर्स चाहे वो सरकारी हो या प्राइवेट. इसके साथ साथ हमारे जो सफाई कर्मचारी हैं, दूसरे फ्रंट लाइन वर्कर्स हैं, सैन्य बल हैं, पुलिस और केंद्रीय बल हैं, होमगार्ड्स हैं, डिजास्टर मैनेजमेंट वॉलंटियर्स समेत सिविल डिफेंस के जवान हैं, कंटेन्मेंट और सर्विलांस से जुड़े कर्मचारियों को पहले चरण में टीका लगाया जाएगा. दूसरे चरण में 50 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को और 50 वर्ष से नीचे के उन बीमार लोगों को जिनको संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा है, उनको टीका लगाया जाएगा
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘अब हमारा देश कोरोना के खिलाफ लड़ाई के निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है. 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो रही है. जिन दो टीकों के आपात इस्तेमाल के लिए अनुमति मिली है, वह दोनों ही मेड इन इंडिया हैं. ’’
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन मिलेगी और टीकाकरण के लिए राज्यों के साथ सलाह के बाद प्राथमिकताएं भी तय कर दी गई हैं. उन्होंने कहा कि सबसे पहले कोरोना योद्धाओं का टीकाकरण होगा और उसके बाद अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले कर्मियों को कोरोना का टीका लगेगा.
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि राजनेता कतार में न लगें और जब उनकी बारी आए तो वैक्सीन लें.
पीएम मोदी ने कहा, ‘‘भारत में पहले से भी यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम चल रहे हैं उन अनुभवों को इस टीकाकरण अभियान के साथ जोड़ा गया है. चुनाव में जिस तरह बूथ स्तर की रणनीति हमने बनाई है, उसका अनुभव यहां भी काम आएगा. ’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ देशों द्वारा टीकाकरण शुरू कर दिए जाने के बाद यह सवाल उठाए गए कि भारत में क्यों देरी हो रही है. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने तब भी कहा था कि साइंटिफिक कम्युनिटी की सलाह से हम काम करेंगे. हमारी दोनों वैक्सीन कॉस्ट इफेक्टिव हैं, यह वैक्सीन भारत की परिस्थितियों को देखते हुए निर्मित की गई हैं. देशवासियों को प्रभावी वैक्सीन देने के लिए हमारे वैज्ञानिक समुदाय ने सभी सावधानियां बरती हैं. ’’
पीएम मोदी ने कहा कि जिन दो टीकों को मंजूरी दी गई है वह भारत में ही निर्मित हैं और भरोसेमंद हैं. इनके अलावा चार वैक्सीन भी अभी पाइपलाइन में हैं. यह हमें भविष्य की बेहतर तैयारी करने में मदद करेगी.
पीएम मोदी ने कहा कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को ये सुनिश्चित करना होगा कि अफवाहों, वैक्सीन से जुड़े अप्रचार को कोई हवा न मिले. देश और दुनिया के अनेक शरारती तत्व हमारे अभियान में रुकावटे डालने की कोशिश कर सकते हैं. ऐसी हर कोशिश को, देश के हर नागरिक तक सही जानकारी पहुंचाकर हमें नाकाम करना है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि कोरोना वायरस की वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट सामने आता है तो हमने इसके लिए भी प्रबंध किए हैं. उन्होंने कहा कि हमारे पास पहले से ही इस तरह की स्थितियों के लिए यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम के तहत एक तंत्र है. हमने इसे विशेष रूप से कोविड टीकाकरण के लिए मजबूत किया है.
पीएम मोदी ने कहा कि 9 राज्यों में अब तक बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. केंद्र ने इसके लिए जो रोडमैप तैयार किया है उसका जल्द से जल्द पालन करना आवश्यक है. इसमें जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका भी अहम है. जिन राज्यों में कोई मामला नहीं है उन्हें भी पूरे एहतियात बरतने की जरूरत है.
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