कोरोना वायरस : भारत में आज से शुरू होगा कोवैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल, जानें इससे जुड़ी खास बातें

कोरोना वायरस : भारत में आज से शुरू होगा कोवैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल, जानें इससे जुड़ी खास बातें
भारत में आज से शुरू होगा कोरोना वैक्सीन Covaxin का ह्यूमन ट्रायल (सांकेतिक तस्वीर)

कोवैक्सीन (COVAXIN) के ट्रायल के लिए देश के 12 संस्थानों को चुना गया है, जिसमें से एक पटना एम्स है. अगर सबकुछ ठीक रहा तो कोवैक्सीन बहुत जल्द बाजार में आ जाएगी.

  • Share this:
नई दिल्ली. देश में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के बीच आज से कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल (Human trial) शुरू किया जाएगा. इस वैक्सीन (Vaccine) को फार्मास्यूटिकल कंपनी भारत बायोटेक (Bharat Biotech) तैयार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक अगर सबकुछ ठीक रहा तो कोवैक्सीन (COVAXIN) बहुत जल्द बाजार में आ जाएगी. वैक्सीन के ट्रायल के लिए देश के 12 संस्थानों को चुना गया है, जिसमें से एक पटना एम्स है.

वैक्सीन का ट्रायल तीन फेज में होगा. पहले फेज में सुरक्षा के साथ कम लोगों पर ट्रायल किया जाएगा. सफलता मिलने पर दूसरे और तीसरे स्टेज में पटना एम्स के डॉक्टर और वैक्सीन बनाने वाली कंपनी के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और वैज्ञानिकों की टीम के नेतृत्व में ट्रायल होगा.

आइए जानते हैं ट्रायल से जुड़ी कुछ जरूरी बातें



पहले फेज में 125 लोंगों पर किया जाएगा ट्रायल
कोवैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल तीन फेज में किया जाएगा. इन तीनों फेज के लिए 375 लोगों पर ट्रेस्ट किया जाएगा. पहले फेज में आज से 125 लोगों पर कोवैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा. सभी को वैक्सीन की दो डोज दी जाएगी. पहली डोज आज दिए जाने के बाद दूसरी डोज 14 दिन के बाद दी जाएगी. इसके बाद इन सभी लोगों की जांच की जाएगी. अगर सबकुछ ठीक रहा तो इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.

3 अगस्त तक पूरा होगा पहला फेज
वैक्सीन को फार्मास्यूटिकल कंपनी भारत बायोटेक के मुताबिक, आज अगर किसी को वैक्सीन लगाई जाती है तो उसे इस वैक्सीन की दूसरी डोज़ 14 दिन के बाद ही दी जाएगी. इस लिहजा से पहला फेज पूरा होने में 28 दिन का समय लगेगा. ऐसे में 3 अगस्त को कोवैक्सीन का पहला फेज पूरा किया जा सकेगा.

इसे भी पढ़ें :- कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन पर उठे सवाल, ICMR ने कहा-काम होगा तेज, लोगों की सुरक्षा सबसे ऊपर

12 संस्थानों में एक साथ शुरू किया जाएगा ट्रायल
ICMR ने फार्मास्यूटिकल कंपनी भारत बायोटेक की ओर से तैयार की गई, कोवैक्सीन के ट्रायल के लिए 12 संस्थानों को चुना है. इसमें दिल्ली और पटना के एम्स भी शामिल हैं. ICMR ने कहा है कि बड़े स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में वैक्सीन को जल्द लॉन्च करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए किसी के स्वास्थ्य के साथ लापरवाही नहीं बरती जा सकती है.

कई बड़ी बीमारी की वैक्सीन बना चुकी है भारत बायोटेक
भारत बायोटेक की ओर से बनाई गई पहले की वैक्सीन दुनियाभर के देशों में जाती हैं. भारत बायोटेक कंपनी ने इससे पहले पोलियो, रेबीज, चिकनगुनिया, जापानी इनसेफ्लाइटिस, रोटावायरसऔर जिका वायरस के लिए भी वैक्सीन बनाई है.

इसे भी पढ़ें :- बड़ी खबर: भारत में कोरोना की एक और वैक्सीन को मिली बड़ी कामयाबी

भारत बायोटेक के अलावा जाइकोव-डी को भी मिली मंजूरी
अहमदाबाद की कंपनी जाइडस कैडिला हेल्थ केयर लिमिटेड ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया ने भी कोरोना वैक्सीन तैयार की है. जाइकोव-डी वैक्सीन के फेज-1 और फेज-2 के ह्यूमन ट्रायल की इजाजत दे दी है. कहा जा रहा है कि इस क्लीनिकल ट्रायल को पूरा करने में करीब 3 महीने का वक्त लगेगा. कंपनी का दावा है कि उसकी इस वैक्‍सीन से जानवरों पर किए गए ट्रॉयल कारगर साबित हुए हैं. इसी आधार पर उन्हें अगले फेज के लिए मंजूरी मिली है.

इसे भी पढ़ें :- वैक्सीन बनाने के लिए ICMR ने दी 15 अगस्त की डेडलाइन, लेकिन विशेषज्ञों ने जताई चिंता

चूहे, खरगोश पर किया गया ट्रायल रहा कामयाब
भारत बायोटेक और गुजरात की कंपनी जाइडस कैडिला की और से तैयार की गई वैक्सीन को सबसे पहले जानवरों पर टेस्ट किया गया था. चूहों और खरगोश पर किया गया टेस्ट कामयाब रहा, जिसके बाद आईसीएमआर से इस वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल की मंजूरी ली गई.

सरकार भी वैक्सीन को लेकर अभी कुछ नहीं कह पा रही
विज्ञान मंत्रालय ने पहले कहा था कि इनमें से कोई भी वैक्सीन 2021 तक इस्तेमाल के लिए तैयार होने की संभावना नहीं है, जिसे कि कुछ देर बाद हटा लिया गया. भारत में आईसीएमआर (ICMR) ने इससे पहले 15 अगस्त तक कोविड-19 का टीका भारत में उपलब्ध कराने की बात कही थी, जिसे लेकर विशेषज्ञों ने हड़बड़ी से बचने की सलाह दी थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading