वायु प्रदूषण: क्या होगा जब कोरोना और जहरीली हवा दोनों का सामना करेंगे दिल्लीवासी

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह की तस्वीर. (AP-Image)
दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह की तस्वीर. (AP-Image)

हर साल सर्दियों की शुरुआत (Winter Season) में खतरनाक स्मॉग (Smog) का सामना करने वाली दिल्ली के लिए गुरुवार की सुबह एक दु:स्वप्न जैसी थी. धुंध से भरी सुबह ने फिर से लोगों को स्मॉग की तकलीफ याद दिलानी शुरू कर दी है. लेकिन इस बार लोगों को सिर्फ स्मॉग का सामना नहीं करना है. इस बार कोरोना महामारी का कहर भी मौजूद है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 16, 2020, 8:17 PM IST
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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों (Delhi-NCR) में वायु प्रदूषण (Air Pollution) फिर बढ़ने लगा है. हर साल सर्दियों की शुरुआत में खतरनाक स्मॉग (Smog) का सामना करने वाले दिल्लीवासियों के लिए गुरुवार की सुबह एक दु:स्वप्न जैसी थी. धुंध से भरी सुबह ने फिर से लोगों को स्मॉग की तकलीफ याद दिलानी शुरू कर दी है. लेकिन इस बार लोगों को सिर्फ स्मॉग का सामना नहीं करना है. इस बार कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) का कहर भी मौजूद है. डॉक्टर्स और साइंटिस्ट्स ने पहले से चेतावनी दे रखी है कि वायु प्रदूषण कोरोना के खतरे को और भयावह बना सकता है.

संक्रमण के गंभीर हो जाने का खतरा अधिक होगा
दरअसल सांस लेने में तकलीफ कोरोना वायरस के सबसे प्रमुख लक्षणों में से एक है. ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि वायु प्रदूषण और ज्यादा बढ़ता है तो कोरोना संक्रमित लोगों की तकलीफ ज्यादा बढ़ जाएगी. संक्रमण के बाद लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने का प्रतिशत बढ़ सकता है और संक्रमण के गंभीर हो जाने का खतरा भी अधिक होगा.

टाइम्स इंडिया में  प्रकाशित एक रिपोर्ट में हृदय विशेषज्ञ अरविंद कुमार का कहना है कि फेफड़ों पर कोरोना और वायु प्रदूषण दोनों मिलकर प्रभाव डालेंगे. ऐसे में स्थिति और गंभीर हो सकती है. भारत अब दो ऐसी दिक्कतों से जूझ रहा है जिनका हमला सीधा इंसानी फेफड़ों पर होता है. कोरोना और वायु प्रदूषण मिलकर समस्याएं बढ़ाने वाले हैं. विशेष तौर पर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में.
लैंसेट जर्नल की रिपोर्ट में वायु प्रदूषण को लेकर खुलासा


गौरतलब है कि शुक्रवार को ही प्रकाशित हुई लैंसेट जर्नल की एक रिपोर्ट में वायु प्रदूषण भारत में मौत के पांच प्रमुख कारकों में गिना गया है. प्रदूषित हवा पहले से लोगों के फेफड़ों को खराब कर रही है. ऐसे में कोरोना संक्रमण के साथ मिलकर यह गंभीर परिणाम ही पैदा करेगी.
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