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कोरोना वायरस: क्वॉरंटाइन सेंटर में रह रहे लोगों को फल और मेवे खिला रही ये सरकार

Sanjay Tiwari | News18Hindi
Updated: April 10, 2020, 3:32 PM IST
कोरोना वायरस: क्वॉरंटाइन सेंटर में रह रहे लोगों को फल और मेवे खिला रही ये सरकार
आंध्र प्रदेश में क्वाॉरंटाइन सेंटर में ये थाली परोसी जा रही है

कोरोना वायरस (Coronavirus) के मरीजों को काजू-किशमिश खिलाने वाली मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी (CM Jagan Mohan Reddy) की योजना से न तो पलमोनोलॉजिस्ट इत्तेफाक रखते हैं और न ही डायटीशियंस.

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  • Last Updated: April 10, 2020, 3:32 PM IST
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अमरावती. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. पूरे देश में सैकड़ों जगहों पर क्वॉरंटाइन सेंटर्स (Quarantine Centers) बनाए गए हैं. प्रशासन क्वॉरंटाइन में रह रहे लोगों की देख-रेख में कोई कमी नहीं छोड़ रहा है. राज्य सरकारें क्वॉरंटाइन में रह रहे लोगों की अच्छी सेहत के लिए उन्हें पौष्टिक आहार दे रही हैं. ऐसे में जानकारी मिली है कि आंध्र प्रदेश सरकार (Andhra Pradesh) कोरोना के मरीजों को काजू, किशमिश और बादाम खिला रही है. खाने की थाली में ड्राय फ्रूट्स के अलावा अंडे और फल भी सर्व किए जा रहे हैं.

सरकार का मानना है कि काजू, किशमिश खिलाने से मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और इससे कोरोना वायरस के प्रकोप से छुटकारा पाने में मरीज को ताकत मिलेगी.

सिर्फ मरीज ही नहीं आईसोलेशन में रह रहे लोगों को भी दी जा रही ये डाइट
स्वास्थ्यवर्धक डाइट देने की शुरुआत विजयवाड़ा के क्वॉरंटाइन सेंटर से की गई है. मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी (CM Jagan Mohan Reddy) की पहल पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए शुरू किए गए पौष्टिक आहार की इस योजना को ‘गोरुमुद्दा’ मीनू कहा जा रहा है. खास बात यह है कि काजू, किशमिश और बादाम का इंतजाम सिर्फ मरीजों के लिए ही नहीं है, बल्कि उन लोगों के लिए भी किया गया है, जो कोविड-19 की आशंका में क्वॉरंटाइन सेंटर्स पर लाए गए हैं और जिनकी रिपोर्ट आना बाकी है.



सरकार ने आंध्र प्रदेश के सभी क्वॉरंटाइन सेंटर्स को ड्राय फ्रूट्स वाला ‘गोरुमुद्दा’ मीनू सर्व करने को कहा है. यह रुटीन खाने के अलावा दिया जाने वाला पौष्टिक आहार है.



डॉक्टर नहीं रखते इससे इत्तेफाक
लेकिन कोरोना मरीजों को काजू-किशमिश खिलाने वाली मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की योजना से न तो पलमोनोलॉजिस्ट इत्तेफाक रखते हैं और न ही डायटीशियंस. मशहूर पलमोनोलॉजिस्ट डॉ. आर विजय कुमार के मुताबिक एक महीने तक रोजाना ढाई सौ ग्राम बादाम खाने से भी प्रतिरोधक क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ने वाला. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में खाने से ज्यादा रहन-सहन, बुरी आदतों से दूर रहने और कसरत का योगदान ज्यादा है.

डायटीशियन वी राघव रेड्डी भी मानते हैं कि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना कोई चुटकी बजाने का काम नहीं है. इसके अलावा बादाम और काजू पैसा खर्च करने के बजाय सोयाबीन, मूंगफली और दाल से भी प्रोटीन की भरपाई की जा सकती है.

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First published: April 10, 2020, 6:51 AM IST
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