महाराष्ट्र में 47 बार म्यूटेट हो चुका है कोरोना वायरस, कई राज्यों में बढ़ानी होगी जीनोम सीक्वेंसिंग- रिपोर्ट

कोरोना वायरस लगातार रूप बदल रहा है. इसके चलते तीसरी लहर का खतरा भी बना हुआ है. (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus Second Wave: महाराष्ट्र की स्थिति को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने पश्चिम बंगाल (West Bengal), दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना समेत कोरोना से खासे प्रभावित राज्यों में जीनोम सीक्वेंसिंग को बढ़ाने की जरूरत बताई है.

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    नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की मार सबसे पहले झेलने वाले महाराष्ट्र (Maharashtra) में म्यूटेशन (Mutation) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. खबर है कि राज्य में वायरस 47 बार स्वरूप बदल चुका है. लगातार और तेजी से हो रहे म्यूटेशन के चलते एक्सपर्ट्स तीसरी लहर (Third Wave) को लेकर आगाह कर रहे हैं. हाल ही में विश्व स्वास्थय संगठन के प्रमुख टेडरोस अधानोम घेब्रेयसस ने भी पाबंदियों में जल्दी ढील देने को लेकर चेतावनी दी है.

    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और नेशनल सेंटर्स फॉर कंट्रोल ने म्यूटेशन को लेकर स्टडी की थी. इस स्टडी में महाराष्ट्र में वायरस के हर जिले की स्थिति को शामिल किया गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्सपर्ट्स ने आशंका जताई है कि लगातार हो रहे म्यूटेशन का कारण प्लाज्मा, रेमडेसिविर और स्टेरॉयड्स का इस्तेमाल हो सकता है. फिलहाल, जानकार सभी राज्यों में जीनोम सीक्वेंसिंग को बढ़ाने की जरूरत की ओर इशारा कर रहे हैं.



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    क्या कहती है स्टडी
    कोरोना वायरस म्यूटेशन के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए एक्सपर्ट्स ने नवंबर 2020 से 31 मार्च 2021 के बीच 733 सैंपल इकट्ठा किए. इसके बाद जीनोम सीक्वेंसिंग की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें वैज्ञानिकों ने पाया कि सभी सैंपल्स में 47 बार वायरस ने म्यूटेशन किया है. इस दौरान 598 सैंपल की जांच के बाद यह बात सामने आई कि महाराष्ट्र में डेल्टा वैरिएंट के अलावा कई अन्य रूपों का भी प्रभाव है. खास बात है कि इससे पहले देश में ऐसी स्थिति नहीं देखी गई थी.

    जांच के दौरान सबसे ज्यादा 273 सैंपल में B.1.617 वैरिएंट मिला. इसके बाद 73 सैंपल में B.1.36.29, 67 में B.1.1.306, 31 में B.1.1.7, 24 में B.1.1.216 वैरिएंट पाया गया है. इसके बाद 17 सैंपल में B.1.596 वैरिएंट और 15 में B.1.1 मिला. साथ ही 17 में B.1, 12 में B.1.36 मिला. इनके अलावा कई और वैरिएंट्स भी पाए गए हैं और जांच जारी है. स्टडी में पाया गया है कि महाराष्ट्र के पश्चिमी हिस्से में स्थित पुणे, मुंबई, ठाणे और नासिक में कोरोना के कई रूप मौजूद हैं. राज्य के इस हिस्से में डेल्टा वैरिएंट के कई म्यूटेशन देखे गए हैं.

    महाराष्ट्र की स्थिति को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने पश्चिम बंगाल, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना समेत कोरोना से खासे प्रभावित राज्यों में जीनोम सीक्वेंसिंग को बढ़ाने की जरूरत बताई है.