Covid-19 के खतरे के बीच राहत की खबर, देश में पहली बार ठीक हो चुके लोग ज्यादा, कोरोना मरीज कम

Covid-19 के खतरे के बीच राहत की खबर, देश में पहली बार ठीक हो चुके लोग ज्यादा, कोरोना मरीज कम
भारत सरकार की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार रिकवरी रेट 48.88% है.

पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस (Covid 19) के 5,991 रोगी ठीक हुए. इसके बाद ठीक हो चुके रोगियों की कुल संख्या 1,35,205 हो गई है जबकि कुल सक्रिय मामले अब 1,33,632 हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) की मार झेल रहे भारतीयों के लिए एक राहत की खबर है. भारत सरकार (Indian Government) के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस (Covid 19) के 5,991 रोगी ठीक हुए. इसके बाद ठीक हो चुके रोगियों की कुल संख्या 1,35,205 हो गई है जबकि कुल सक्रिय मामले अब 1,33,632 हैं. पहली बार कुल पॉजिटिव केसों में से ठीक हो चुके लोगों की संख्या ज्यादा है. भारत सरकार की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को रिकवरी रेट 48.88% है.

भारत में बुधवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में संक्रमण के करीब 10,000 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही देश में इस वायरस से अब तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 2.7 लाख से अधिक हो गई है.


279 लोगों की संक्रमण से मौत
भारत में लगातार छठे दिन बुधवार सुबह आठ बजे तक 24 घंटे के भीतर कोरोना वायरस के 9,500 से अधिक मामले सामने आए और 279 लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,76,583 हो गई है और 7,745 लोग इस बीमारी से जान गंवा चुके हैं. मंत्रालय ने बताया कि देश में अब भी 1,33,632 मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि 1,35,205 लोग स्वस्थ हो गए हैं और एक मरीज देश छोड़कर चला गया है.



मामूली लक्षण वाले मरीज होते हैं जल्दी स्वस्थ
उसने बताया, 'अभी तक 48.99 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो चुके हैं.' दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पल्मनरी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन (Pulmonary, Critical Care and Sleep Medicine) विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज गुप्ता ने कहा कि आंकड़ों के अनुसार अधिक से अधिक मरीज स्वस्थ हो रहे हैं, जो कि इस वैश्विक रुख के अनुरूप है कि कोरोना वायरस के 80 प्रतिशत से अधिक मरीजों में बीमारी के मामूली लक्षण दिखने की संभावना होती है और वे शत-प्रतिशत स्वस्थ हो जाते हैं.

ज्यादा खुश होने वाली बात नहीं
गुप्ता ने कहा,'‘इससे भारत के उन लोगों को उम्मीद मिलनी चाहिए, जिन्हें बीमारी के कारण मौत का भय है, लेकिन साथ ही उन्हें बहुत खुश नहीं होना चाहिए और लोगों को सामाजिक दूरी एवं स्वच्छता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए.'

वैश्विक साक्ष्यों के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित 20 प्रतिशत मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती कराए जाने की आवश्यकता पड़ती है. जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका, ब्राजील, रूस और ब्रिटेन के बाद भारत कोविड-19 से सबसे बुरी तरह प्रभावित पांचवां देश है.



ये भी पढ़ेंः-

COVID-19 Update: घबराएं नहीं! दिल्‍ली के अस्‍पतालों में खाली हैं दो तिहाई से ज्‍यादा बेड
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज