अपना शहर चुनें

States

COVID-19 Vaccination: कोरोना वैक्‍सीन लगवाकर की ये गलतियां तो डबल हो सकता है वायरस का अटैक

वैक्‍सीन लगवाने के बाद कोरोना को लेकर ज्‍यादा सतर्क रहने की जरूरत है.
वैक्‍सीन लगवाने के बाद कोरोना को लेकर ज्‍यादा सतर्क रहने की जरूरत है.

COVID-19 Vaccination: चिकित्‍सा विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) एक से दूसरे में बिना लक्षण दिखाए ट्रांस्‍फर होने वाली बीमारी है, ऐसे में कोरोना वैक्‍सीन (Corona Vaccine) लगवाने के बाद यह खतरा दोगुना हो जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 4:58 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. देशभर में 16 जनवरी कोरोना के खिलाफ लड़ाई शुरू हो चुकी है. शनिवार को कोविड-19 वैक्सीनेशन के पहले दिन 19.1 लाख लोगों को वैक्‍सीन (Corona Vaccine) की पहली डोज दी गई. सबसे पहले कोरोना वॉरियर्स (Corona Warriors) और स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों (Health workers) को वैक्‍सीन दी जा रही है. इससे कोरोना का कहर झेल रहे लोगों में खुशी का माहौल है. हालांकि स्‍वास्‍थ्‍य और चिकित्‍सा विशेषज्ञ इस बात से चिंतित भी हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्‍सीन लगवाने के बाद भी कोरोना का खतरा टला नहीं है बल्कि अब और भी ज्‍यादा सतर्क रहने की जरूरत है. वैक्‍सीन लगवाने वालों की एक छोटी सी गलती भी कोरोना को फैलने का मौका दे सकती है.

इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के टास्‍क फोर्स ऑपरेशन ग्रुप फॉर कोविड के हैड डॉ. एनके अरोड़ा कहते हैं कि किसी भी बीमारी के साथ डर और निश्चिंतता साथ-साथ चलते हैं, लेकिन अगर बीमारी वायरस के रूप में हो, जो न दिखाई देता है और न पहचान में आता है बल्कि सिर्फ चपेट में लेता है तो यह खतरनाक हो जाता है. कोरोना वायरस के साथ भी ऐसा ही है. अगर इससे डरना बंद कर दिया और इसके लिए बरती जाने वाली सावधानियों में ढील बरती तो यह दोगुनी गति से लोगों को चपेट में ले सकता है.





डॉ. अरोड़ा कहते हैं कि वैक्‍सीन लगवाने के बाद लोग निश्चित ही कोरोना वायरस के खतरे से सुरक्षित रहेंगे और यह चीज उनके भी दिल-दिमाग में बैठ जाएगी. इस दौरान पूरी संभावना है कि वे लोग कोरोना को लेकर ये गलतियां कर सकते हैं. जैसे मास्‍क (Mask) का उपयोग कम करना, सोशल डिस्‍टेंसिंग (Social Distancing) का पालन न करना, कहीं भी किसी भी चीज को छू लेना और साबुन से हाथ न धोना या सेनेटाइजर का इस्‍तेमाल न करना. कोरोना वायरस के प्रभाव वाली जगहों से आकर परिवार के साथ घुलना-मिलना, परिवार के बीच में रहकर कोरोना नियमों का पालन न करना, बाहर से सामान लेकर खा लेना आदि. ऐसा करने पर वैक्सीन लेने वाले व्‍यक्ति को तो कुछ नहीं होगा लेकिन कोरोना वायरस उसके माध्‍यम से उसके परिवार और सगे-संबंधियों तक तेजी से चला जाएगा. जिसका परिणाम यह होगा कि परिवार कोरोना बीमारी की चपेट में आ जाएगा. इस दौरान कमजोर इम्‍यूनिटी वाले लोगों की जान पर भी बन सकती है.
ये भी पढ़ें- पूरे विश्‍व को वैक्‍सीन देगा भारत, दिसंबर 2021 तक देश में तैयार होने जा रहीं 8 नई कोरोना वैक्‍सीन



वे कहते हैं कि चूंकि कोरोना वायरस एक से दूसरे में बिना लक्षण दिखाए ट्रांसफर होने वाली बीमारी है ऐसे में यह खतरा दोगुना हो जाता है. अभी तक लोगों में कोरोना के प्रति डर था तो वे सभी नियमों का पालन कर रहे थे और हर बात का ध्‍यान रख रहे थे लेकिन सुरक्षित महसूस करने के बाद कोरोना के नियमों में ढिलाई बरतना हानिकारक हो सकता है.  इसलिए बहुत जरूरी है कि कोरोना वॉरियर्स सुरक्षित हैं लेकिन उन्‍हें अपने परिवार के लिए सभी सावधानियां पहले से भी ज्‍यादा रखनी होंगी.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज