महाराष्ट्रवासियों के दिल में बसी एक सुनहरी याद है शिवाजी महाराजा का राजतिलक

शिवाजी के राज्याभिषेक का जश्न मनाने के लिए सामान्य समय में रायगढ़ जिले में जन रैलियां आयोजित की जाती थीं.

शिवाजी के राज्याभिषेक का जश्न मनाने के लिए सामान्य समय में रायगढ़ जिले में जन रैलियां आयोजित की जाती थीं.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘शिव राज्याभिषेक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री उद्धव बाबासाहेब ठाकरे ने स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि यह एक सुनहरी याद है जो महाराष्ट्रवासियों के दिल में बसी है.’’

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मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) ने 1674 में मराठा साम्राज्य के छत्रपति बने योद्धा शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) को शिव राज्याभिषेक दिवस (Shiva's coronation day) पर श्रद्धांजलि देते हुए रविवार को कहा कि शिवाजी का राजतिलक महाष्ट्रवासियों के दिल में बसी एक सुनहरी याद है.

शिवाजी के राज्याभिषेक का जश्न मनाने के लिए सामान्य समय में रायगढ़ जिले में जन रैलियां आयोजित की जाती थीं, लेकिन कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण इस मौके पर लगातार दूसरे साल कोई जनसमारोह नहीं किया गया.

1674 में रायगढ़ को बनाया था राजधानी

रायगढ़ जिले के महाड में स्थित किला छत्रपति शिवाजी द्वारा स्थापित मराठा साम्राज्य के इतिहास में बहुत महत्व रखता है. शिवाजी महाराज ने मराठा साम्राज्य का राजा बनाए जाने के बाद 1674 में रायगढ़ को अपनी राजधानी बनाया और यहां कई निर्माण कार्य किए. ठाकरे ने कहा कि महान योद्धा शिवाजी महाराज ने एक कल्याणकारी राज्य स्थापित किया और अपनी मातृभूमि को सर्वाधिक प्राथमिकता दी.
मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘शिव राज्याभिषेक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री उद्धव बाबासाहेब ठाकरे ने स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि यह एक सुनहरी याद है जो महाराष्ट्रवासियों के दिल में बसी है.’’ शिवाजी महाराज का छत्रपति के रूप में औपचारिक राज्याभिषेक छह जून, 1674 को महाराष्ट्र के रायगढ़ किले में हुआ था. शिवाजी महाराज के वंशज एवं भाजपा सांसद छत्रपति संभाजीराजे इस अवसर पर रायगढ़ किले गए.


संभाजीराजे ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘‘इस साल, शिव राज्याभिषेक समारोह में दुर्लभ सिक्के ‘होन’ को भी शामिल किया जाएगा, जो शिवाजी महाराज के युग की प्राचीन वस्तुओं का हिस्सा है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ ’होन’ शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित स्वराज की संप्रभुता और समृद्धि का प्रतीक है. यह केवल एक मुद्रा नहीं है, बल्कि हमारे सामूहिक गौरव का प्रतीक है और एक सच्चा राष्ट्रीय खजाना है.’’ मराठा नेता ने कहा, ‘‘रायगढ़ की पवित्र मिट्टी में मिली यह प्राचीन वस्तु इस ऐतिहासिक अवसर की गवाह बनेगी.’’

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