देश में 0.29% कोविड मरीज वेंटिलेटर पर, 2.7% को दिया जा रहा ऑक्सीजन सपोर्ट

देश में 0.29% कोविड मरीज वेंटिलेटर पर, 2.7% को दिया जा रहा ऑक्सीजन सपोर्ट
भूषण ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मामलों में से 2.70 प्रतिशत ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं

स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 24,04,585 हो गई है जिससे ठीक होने की दर 75.92 प्रतिशत से अधिक पर पहुंच गई है. देश में कोविड-19 से मृत्यु दर घटकर 1.84 प्रतिशत पर पहुंच गई है.

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नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health & Family Welfare) ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 की जांच (Covid-19 Tests) में काफी बढ़ोतरी होने के बावजूद संक्रमित होने की दर में लगातार कमी आई है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने साथ ही रेखांकित किया कि उपचाराधीन मामलों में पहली बार 24 घंटे में 6,423 की कमी आयी है. मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 की जांच वर्तमान में बढ़कर प्रतिदिन प्रति दस लाख 600 जांच से अधिक हो गई है जो कि एक अगस्त को प्रतिदिन प्रति 10 लाख पर 363 जांच की थी.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सात-दिवसीय ‘रोलिंग’ औसत के आधार पर कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित होने की दर अगस्त के पहले सप्ताह के दौरान 11 प्रतिशत थी, वह अब घटकर आठ प्रतिशत हो गई है. उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 संक्रमण का पता लगाने के लिए जांच की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन संक्रमित होने की दर में लगातार कमी आई है. पहली बार, कोविड-19 के उपचाराधीन मामलों में 24 घंटे में 6,423 की कमी आई है.’

रिकवर केस एक्टिव केसों की संख्या के 3.4 गुना
भूषण ने कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के उपचाराधीन मामलों में से 2.70 प्रतिशत ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, जबकि 1.92 प्रतिशत आईसीयू में हैं और 0.29 प्रतिशत वेंटिलेटर पर हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ठीक हुए मामले उपचाराधीन मामलों की संख्या का 3.4 गुना हैं.
भूषण ने होने वाली मौतों का आयु और लिंग के आधार पर विश्लेषण पेश करते हुए कहा कि कोविड-19 से जान गंवाने वालों में से 69 प्रतिशत पुरुष और 31 प्रतिशत महिलाएं हैं.



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उन्होंने कहा, ‘‘36 प्रतिशत मौतें 45-60 वर्ष के आयु समूह में और 51 प्रतिशत मौतें 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में हुई हैं. 11 प्रतिशत मौतें 26 से 44 आयु वर्ग के लोगों में और 18 से 25 वर्ष आयुवर्ग और 17 वर्ष से कम आयु के लोगों में क्रमश: एक-एक प्रतिशत हुई हैं.’’

टीके को लेकर रूस के संपर्क में भारत
यह पूछे जाने पर कि क्या रूसी सरकार ने अपने कोविड-19 टीके के भारत में उत्पादन के लिए कोई औपचारिक अनुरोध किया है तो भूषण ने कहा कि जहां तक रूस द्वारा विकसित कोविड-19 टीका ‘स्पुतनिक वी’ का सवाल है, ‘‘दोनों देश (भारत और रूस) सम्पर्क में हैं. कुछ प्रारंभिक जानकारी साझा की गई है जबकि कुछ विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है.’’

यह पूछे जाने पर कि भारत में किन के जरिये यह महामारी बढ़ रही है, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) महानिदेशक डा. बलराम भार्गव ने कहा, ‘‘मैं कहूंगा कि गैर जिम्मेदार और कम सतर्क लोग जो मास्क नहीं पहन रहे हैं और एकदूसरे से दूरी नहीं बना रहे हैं, उनकी वजह से भारत में महामारी बढ़ रही है.’’

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टेस्टिंग की क्षमता में लगातार हुई बढ़ोतरी
जांच क्षमता बढ़ाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे जांच क्षमता में वृद्धि की गई और 21 अगस्त को यह आखिरकार एक दिन में 10 लाख नमूनों की जांच करने की हो गई.

भार्गव ने कहा, ‘‘कोविड-19 जांच क्षमता में काफी वृद्धि हुई है- 30 जनवरी को प्रतिदिन 10 जांच से यह 21 अगस्त को प्रतिदिन 10 लाख हो गई है.’’

भार्गव ने कहा, ‘‘भारत में हमारे पास 1,524 कोविड-19 जांच प्रयोगशालाएं हैं और 25 अगस्त 2020 तक 3,68,27,520 जांच की जा चुकी हैं.’’
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