AIIMS के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया बोले- भारत में बच्चों को भी लगेगी फाइज़र की वैक्सीन

नई दिल्ली स्थित एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया (फाइल फोटो)

नई दिल्ली स्थित एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया (फाइल फोटो)

Covid-19 Vaccine: पिछले हफ्ते कोरोना वायरस वैक्सीन की किल्लत के बीच नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने कहा था कि भारत को जल्द ही फाइजर वैक्सीन मिल सकती है

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नई दिल्ली. कोरोना की दूसरी लहर अब भारत में थोड़ी थमती नज़र आ रही है. लेकिन एक्सपर्ट अभी से ही तीसरी लहर की चेतावनी दे रहे हैं. कहा जा रहा है कि तीसरी लहर बच्चों को चपेट में ले सकती है. इसकी सबसे बड़ी वजह है भारत में बच्चों के लिए कोरोना की वैक्सीन न होना. अमेरिकी दवा कंपनी फाइज़र (Pfizer Vaccine) ही फिलहाल दुनिया की एकमात्र कंपनी है जिसकी वैक्सीन बच्चों को लगाई जा रही है. एम्स दिल्ली के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि फाइजर की वैक्सीन भारत में भी बच्चों को लगाई जाएगी. बता दें कि जल्द ही फाइजर की वैक्सीन भारत आने वाली है.

केंद्र सरकार ने बुधवार को इस बात के संकेत दिए हैं कि फाइज़र और मॉडर्ना की वैक्सीन को भारत में जल्द ही इमरजेंसी अप्रूवल मिल जाएगी. डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि ये पहला मौका नहीं है जब किसी वैक्सीन को भारत सरकार ने यहां बिना ट्रायल के हरी झंडी दी हो. सीएनएन न्यूज़ 18 से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, 'ऐसा पहले भी किया जा चुका है जब सरकार ने उन सभी टीकों को आपातकालीन मंजूरी दी थी जिन्हें यूएस, यूके या ईयू और डब्ल्यूएचओ की एजेंसियों द्वारा अनुमोदित किया गया था. उसके आधार पर, इन एजेंसियों से अनुमोदन के साथ टीकों के लिए आपातकालीन अनुमोदन पहले ही वास्तविक रूप से दिया जा चुका है. इसलिए, मुझे लगता है कि हमारे पास जल्द ही बच्चों और वयस्कों के लिए फाइजर का टीका आने वाला है.'

विदेशी वैक्सीन में देरी क्यों?

सवाल उठता है कि आखिर फाइज़र और मॉडर्ना जैसी वैक्सीन को भारत लाने में क्यों देरी हुई. इस सवाल के जवाब में गुलेरिया ने ने कहा, 'इसकी सबसे बड़ी वजह है शुरुआती डेटा का न होना. कोई वैक्सीन कितनी सेफ है ये डेटा के बाद ही तय किया जा सकता है. यूरोप में साइड इफेक्ट की खबरें आईं. अमेरिका और ब्रिटेन से वैक्सीनेशन के डेटा आने के बाद भारत में भी इसे हरी झंडी दी जा रही है. जब यहां हमें लगा कि भारत के लोगों के लिए भी ये सेफ तब इसे लाने का फैसला किया गया. वैसे मैं इस कमेटी का हिस्सा नहीं हूं.'


फाइज़र का इंतज़ार

पिछले हफ्ते कोरोना वायरस वैक्सीन की किल्लत के बीच नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने कहा था कि भारत को जल्द ही फाइजर वैक्सीन मिल सकती है. उन्‍होंने उम्‍मीद जताई थी कि जुलाई 2021 तक भारत को फाइजर की कोरोना वैक्‍सीन मिल जाएगी. अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर ने दावा किया है कि वैक्‍सीन भारत में फैल रहे कोरोना वायरस वैरिएंट के खिलाफ असरदार है. कंपनी ने वैक्सीन के स्टोरेज पर भी चर्चा की है. फाइजर जुलाई से अक्टूबर के बीच भारत को 5 करोड़ डोज देने के लिए तैयार है.

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